किताबों के बगैर ही शुरू हो गया नया शिक्षा सत्र

प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है लेकिन अभ्यर्थियों ने अभी किताबें नहीं देखी हैं।
वजह है कि किताबें बाजार में आधे अधूरे विषयों की पहुंचीं तो किसी दुकान पर किसी भी विषय की किताब नहीं पहुंचीं है। जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद का दावा है कि बाजार में किताबें आधे विषयों की पहुंच चुकी हैं। अगर शिक्षकों का दावा मानें तो किताबें अभी प्रेस से छप कर ही नहीं आई हैं।

एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू होगा और इसके साथ स्कूल भी खुल जाएंगे। इसकी पूर्व जानकारी होने के बावजूद किताबों की छपाई में इस बार लेटलतीफी हुई। नतीजा स्कूल खुलने के पहले दिन से ही देखने को मिला।

तमाम स्कूलों में विद्यार्थी तो पहुंचे लेकिन, समय केवल औपचारिकता में ही बीता। क्योंकि उनके पास किसी भी विषय की किताब नहीं थी। सीबीएसई बोर्ड के पाठ्यक्रम पर आधारित माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र की किताबों की संख्या कम होने के बावजूद उनकी छपाई समय से नहीं हो सकी। शिक्षक नेता हरि प्रकाश यादव की मानें तो बाजार में कहीं भी किताब उपलब्ध नहीं है। कई दिन और किताबें आने के आसार नहीं हैं इससे पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ना तय है।

वहीं माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव का दावा है कर रही है बाजार में आधे विषयों की किताबें पहुंच चुकी हैं। शेष अन्य भी जल्द ही दुकानों पर मिलने लगेंगी। उन्होंने कहाकि छपाई में कोई देरी नहीं हुई है।

51 में से सिर्फ तीन विषय की आई किताबें
एक अप्रैल से परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में नया सत्र शुरू हो गया। परिषद विद्यालयों कक्षा एक से आठ के बच्चों को नि:शुल्क किताब वितरण के लिए कुल 51 विषय की किताबें आनी हैं, लेकिन इसमें से सिर्फ तीन विषयों की ही किताबें आ सकी हैं। जिन तीन विषयों की किताबें आई भी हैं, वह बच्चों की संख्या के लिहाज से बहुत कम हैं।

जिले के प्राइमरी विद्यालयों में करीब 3.17 लाख और जूनियर स्कूलों में लगभग 98 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। प्राइमरी के कक्षा तीन, चार और पांच के बच्चों के लिए अभी तीन विषयों की किताबें आई हैं। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा ने इन विषयों की पूरी किताबें आने का दावा किया है, लेकिन अगर नगर क्षेत्र के विद्यालयों की ही हकीकत जाने तो 30 सितंबर 2018 तक रजिस्टर्ड कुल 7782 बच्चों के सापेक्ष कक्षा तीन की हिंदी कलरव  की 450, कक्षा चार की संस्कृति की 500 और कक्षा पांच की अंग्रेजी रैनबो की 500 किताबें ही आई हैं। इन किताबों का खंड शिक्षाधिकारी (नगर) ज्योति शुक्ला ने सोमवार को स्कूलों में जाकर वितरण कराया। वहीं, जूनियर के बच्चों के लिए एक भी किताबें नहीं आ सकी हैं।

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