69000 शिक्षक भर्ती:- 26 नवम्बर को मोस्ट सीनियर एडवोकेट श्री एच0एन0सिंह जी का लखनऊ कोर्ट में होगी अपीयरेंस, टीम रिजवान अंसारी

69000 भर्ती मामले की अगली सुनवाई 26 नवम्बर को लखनऊ खण्डपीठ की *”पार्ट-हर्ड बेंच”* मा0जस्टिस पंकज जायसवाल और मा0जस्टिस इरशाद अली की द्वय पीठ में सुनिश्चित है।
विगत सुनवाई में कोर्ट ने 40/45 के विरुद्ध स्पेशल अपील और बीएड के खिलाफ योजित याचिकाओं को अलग कर दिया है। सुनवाइयों में ज्यादा लम्बा समय बर्बाद न हो, मुद्दे से इतर बहस न हो इसलिए कोर्ट ने ऐसा कर दिया है। *इससे साफ जाहिर है कि कोर्ट अब 40/45 मामले को जल्द निस्तारित करना चाहती है।*

*👉🏼इस केस में एडवोकेट जनरल सहित विपक्ष के सभी सीनियर्स ने 60/65 को बचाने के लिए कोर्ट में कहा था कि ” _68500 की अपेक्षा इस बार ज्यादा कैंडिडेट शामिल हुए थे, इसलिए कैंडिडेट की छंटनी (शार्ट-लिस्टिंग) की वजह से ही सरकार ने 60/65 किया है।_ ” सरकार और बीएड अभ्यर्थियों ने बार-बार शिक्षामित्रों पर अयोग्यता का ठप्पा लगाया है जिसमे उनका ये सबमिशन की 60/65 वाले अधिक योग्य हैं। जबकि एकल पीठ में 148 पन्नों के जजमेंट में मा0 जस्टिस राजेश चौहान जी ने बीएड अभ्यर्थियों को इस भर्ती के योग्य नही माना है। ये सबमिशन टीम रिज़वान के अधिवक्ताओं का था इसी सबमिशन के आधार पर ही हम एकल पीठ विजय घोषित हुए थे। बीएड चूंकि गलत है इसीलिए 40/45 की जीत के लिए उसे गलत सिद्ध करना भी जरूरी है । टीम को इससे कोई सरोकार नही है कि वो भर्ती में अंदर हों या बाहर हों। सरकार सहित सभी विपक्षकारों ने पूरे जजमेंट को चेलेंज किया है साफ जाहिर है इसमे 60/65 और बीएड का बचाव है। टीम पूरे जजमेंट को प्रोटेक्ट(सरंक्षित) कर रही है और कोर्ट के सामने ये सिद्ध करने का प्रयास कर रही है कि “148 पन्नों का जजमेंट सर्वथा सत्य है। उसमे if एंड but की कोई जगह ही नही बनती है।” चूंकि टीम के सभी अधिवक्ता समस्त सुनवाइयों में कोर्ट रूम में उपस्थित रहे जिसमे उन्होंने एडवोकेट जनरल सहित सभी सीनियर्स एडवोकेट के सबमिशन और बहस को नोट किया था ,उसी बहस और सबमिशन के आधार पर ही कम्पाइलेशन तैयार हुआ है।अब इसी मुद्दे पर सीनियर एडवोकेट उपेंद्र नाथ मिश्रा जी ने कोर्ट को ये बताया कि “सरकार जिन बीएड कैंडिडेट की वृद्धि की वजह से 60/65 लगा रही है वास्तविकता में वो सिंगल बेंच के जजमेंट के अनुसार इस भर्ती में पात्र ही नहीं हैं तो उनको भर्ती में शामिल कैसे किया गया? जब बीएड भर्ती के लिए ही पात्र नही है तो फिर 60/65 लगाने का कोई औचित्य नही है। बस इसी बात को और सिद्ध करने के लिए 1972 का एक्ट और MHRD/NCTE के नोटिफिकेशन का जिक्र किया। इस बिंदु से स्वतः ही ये सिद्ध हो रहा था कि 60/65 तो सिर्फ द्वेषपूर्ण तरीके से लगाया गया।। अभी तक सीनियर एडवोकेट उपेंद्र मिश्रा जी ने केस का ग्राउंड तैयार किया है बहस तो 26 नवम्बर से स्टार्ट होगी।*
*26 नवम्बर को केस की शुरुआत फायर ब्रांड सीनियर एडवोकेट उपेंद्र मिश्रा जी की बहस से होगी।*

अब चूंकि बहस सिर्फ 40/45 पर ही कुछ नए बिंदुओं के आधार पर होगी इसीलिए समय ज्यादा लम्बा नही जाएगा। *इस विषय पर आज टीम की विस्तृत और गहन मन्त्रणा भाई सत्यव्रत पांडेय जी और भाई राज कुमार मिश्रा जी से हुई, निष्कर्ष निकलकर आया कि 26 नवम्बर से ही मोस्ट सीनियर एडवोकेट (प्रयागराज खण्डपीठ) श्री एच0एन0 सिंह कोर्ट रूम में अपीयर कराया जाएगा।* हम अब कोई भी रिश्क नही लेना चाहते। इस एवज में मोस्ट सीनियर एडवोकेट श्री एच0एन0 सिंह 25 नवम्बर को ही लखनऊ आ जायेगें जिससे कुछ आवश्यक तैयारियों की प्रतिपूर्ति की जा सके। मोस्ट सीनियर एडवोकेट श्री एच0 एन0 सिंह के साथ एडवोकेट श्री अग्निहोत्री त्रिपाठी जी भी आएंगे। सोमवार तक प्रत्येक दशा में टीम को उनको उनकी फीस का भुगतान करना है।

*💥टीम की तरफ से तैयार पैनल*

*★मोस्ट सीनियर एडवोकेट श्री एच0 एन0 सिंह (प्रयागराज खण्डपीठ)*

*★फायर ब्रांड सीनियर एडवोकेट श्री उपेंद्र नाथ मिश्रा*

*★विधि चाणक्य एडवोकेट अमित भदौरिया*

*★एडवोकेट अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी (प्रयागराज खण्डपीठ)*

*★एडवोकेट राहुल सिंह*

*★एडवोकेट अभिसार देव*

आप सभी इस महत्वपूर्ण मुद्दे को समझकर आज और अभी से अपना सहयोग प्रेषित करना सुनिश्चित करें ताकि टीम अपने वादे पर विगत समय की भांति भविष्य में भी अटल रह सके।

★लड़ने वाले ही जीतते हैं।
*®टीम रिज़वान अंसारी।।*

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