माध्यमिक कॉलेजों में 25 हजार से ज्यादा शिक्षक पद रिक्त

प्रयागराज : प्रदेश भर के अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक कॉलेजों में शिक्षकों के 25 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। इसके संकेत पिछले माह ही मिल गए थे, फिर भी चयन बोर्ड ने इस ओर से चुप्पी साध ली है। ऑनलाइन अधियाचन व उनकी सत्यापन रिपोर्ट लेने का समय पूरा हो चुका है लेकिन, चयन बोर्ड यह स्पष्ट नहीं कर रहा है कि आखिर कितने पदों का अधियाचन मिला और कितने पद सत्यापित हुए?

सहायताप्राप्त माध्यमिक कॉलेजों में प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों का चयन माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र करता है। प्रतियोगियों के लंबे समय तक आंदोलन व शासन की सख्ती के बाद चयन बोर्ड ने कॉलेजों में रिक्त पदों का अधियाचन ऑनलाइन मांगा था। एक से 31 जुलाई तक अधियाचन लेने के लिए वेबसाइट भी खोली गई। उसी बीच 24 जुलाई को चयन बोर्ड सचिव ने विज्ञप्ति जारी करके स्पष्ट किया कि केवल 3200 संस्थाओं ने ही अधियाचन भेजे हैं और 1129 संस्थाओं ने प्रतिभाग नहीं किया है। जिन संस्थाओं ने उस समय तक रिक्त पदों का ब्योरा भेजा था, उसमें प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक मिलाकर 22,210 थे। जिला विद्यालय निरीक्षकों ने इनमें से केवल 1881 पदों का सत्यापन व 6627 पदों को असत्यापित किया था। उस समय तक 13702 पदों का सत्यापन लंबित था। चयन बोर्ड सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षक व प्रबंधतंत्र की धीमी प्रगति को देखकर अधियाचन भेजने की तारीख पांच अगस्त व सत्यापन की अंतिम तारीख सात अगस्त तय की थी। माना जा रहा है कि उस दौरान 1129 संस्थाओं ने भी अपने यहां रिक्त पदों का ब्योरा भेजा होगा, जिससे कुल रिक्त पदों की संख्या 25 हजार से अधिक होने का अनुमान है। आमतौर पर अन्य संस्थाएं जो प्रतियोगी परीक्षा या फिर प्रवेश में ऑनलाइन आवेदन लेती हैं वे अंतिम तारीख के अगले ही दिन स्पष्ट करती हैं कि उन्हें कितने आवेदन मिले हैं, वहीं चयन बोर्ड ने इस पर चुप्पी साध ली है। अफसर व अन्य कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। इससे प्रतियोगी फिर आंदोलन करने की तैयारी में है कि जब अधियाचन मंगा लिए गए हैं तो उसे छिपाया क्यों जा रहा है। प्रतियोगियों का कहना है कि एक वर्ष तक चयन बोर्ड ने नया विज्ञापन निकालने में आनाकानी की और अब पदों का ब्योरा सार्वजनिक नहीं हो रहा है।

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