शिक्षा में सुधार के लिए Mission Prerna

बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में ‘मिशन प्रेरणा’ लागू किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के 75 जिलों के 1.1 लाख से अधिक विद्यालय, 3.5 लाख से अधिक शिक्षक और 1.2 करोड़ छात्र आच्छादित होंगे। यह एकीकृत ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था होगी जिसमें विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर के नियमित आकलन के लिए प्रेरणा तालिका बनायी जाएगी। इसके लक्ष्य स्पष्ट होंगे जिसमें शैक्षिक के साथ प्रशासनिक जवाबदेही शामिल होगी। मिशन के संचालन में जिलाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष शनिवार को उनके सरकारी आवास पर र ‘मिशन प्रेरणा’ का प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रदेश में बेसिक शिक्षा को बेहतर बनाने पर केंद्रित मिशन के तहत विद्यार्थियों को अच्छी बेसिक शिक्षा उपलब्ध कराने पर प्रेरक ब्लॉक, प्रेरक जिला और प्रेरक प्रदेश जैसी घोषणाएं की जाएंगी। मिशन को नीति आयोग और अन्य विभागों के समन्वय से संचालित किया जाएगा। इसके परिणाम अगले ढाई वषों में दिखेंगे। मुख्यमंत्री ने ‘मिशन प्रेरणा’ को पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया।

प्रस्तुतीकरण देखने के बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाई कर उच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की एल्युमिनाई मीट आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के लिए प्रेरणादायी साबित होंगे। उन्होंने प्रदेश में शिक्षक/छात्र अनुपात को सुधारते हुए तार्किक बनाने के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा के पाठ्यक्रम की विसंगतियां दूर करने के साथ उसमें प्रेरक कहानियों और महापुरुषों के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को शामिल करने के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सुधारों को तेजी से लागू करने के लिए ताकीद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण दिया जाए। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार, मुख्य सचिव आरके तिवारी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ.सतीश चंद्र द्विवेदी और नीति आयोग के सलाहकार आलोक कुमार भी मौजूद थे।

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