गलत निवास प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल करने का मामला प्रकाश में आया

  

Fake-Documentsज्ञानपुर। 2006 में हुई उर्दू सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में गलत निवास प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल करने का मामला प्रकाश में आया है। शिकायत के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

औराई तहसील क्षेत्र के माधोसिंह निवासी अनवारूल हक ने जिलाधिकारी को जुलाई 2018 में में शिकायती पत्र दिया था। आरोप लगाया कि पांच सितंबर 2006 में में उर्दू शिक्षक सहायक अध्यापक पद के लिए भर्ती निकली थी। उसमें बिहार के पुरैनी थाना जगदीशपुर जिला भागलपुर निवासी इम्तियाज अली पुत्र हैदर अली ने गलत तरीके से निवास प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी हासिल की है। इस मामले में उस समय जांच हुई तो पता चला कि तहसील से तो निवास प्रमाणपत्र जारी किया गया है, लेकिन उसके भदोही जिले के होने का कोई प्रमाण संलग्न नहीं है। ग्राम प्रधान ने भी लिखकर दे दिया कि वह यहां का निवासी नहीं है। कुटुंब रजिस्टर की नकल लगायी गई थी उसे भी निरस्त गई थी कर दिया गया। यानी निवास प्रमाण पत्र बनवाने में फर्जीवाड़ा किया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार उस मामले को बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। दो नवंबर को पुनः जिलाधिकारी से शिकायत की गई तो उन्होंने मामले की जांच के लिए। बीएसए को जिम्मेदारी दी। इसपर बीएसए ने जांच शुरू कर दी है। बीते दिनों उन्होने औराई खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से इम्तियाज अली को नोटिस जारी किया है। इम्तियाज की तैनाती प्राथमिक विद्यालय लसमड़िया में प्रधानाध्यापक के पद पर है।

बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया। उसकी जांच की जा रही है। संबंधित शिक्षक को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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