माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों ने मानदेय को लेकर की तालाबंदी

मानदेय को लेकर गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) कार्यालय में madhyamik vittvihin shikshak महासभा, उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। सुबह 9:30 बजे वित्तविहीन शिक्षक ताला लेकर डीआइओएस कार्यालय पहुंचे और उसे मुख्य द्वार पर जड़कर प्रदर्शन करने लगे। दोपहर करीब दो बजे तक कामकाज पूरी तरह ठप रहा।

महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी उमेश द्विवेदी ने कहा कि वर्तमान सरकार vitt vihin shikshak को जो कुछ मानदेय मिल रहा है उसे बंद करने जा रही है। जबकि करीब 87 प्रतिशत विद्यार्थी प्राइवेट स्कूलों में ही पढ़ते हैं। ऐसे में यह उनके साथ नाइंसाफी होगी। 1वित्तविहीन शिक्षकों ने कहा कि अभी जो कुछ मानदेय मिल भी रहा है वह बहुत कम है।

ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह इसे बढ़ाए लेकिन वह उल्टा इसे बंद करने में जुटी हुई है। समान कार्य के लिए समान वेतन देने की उन्होंने मांग उठाई। वहीं वर्ष 2010 के बाद से लेकर अभी तक स्कूलों में नियुक्त हुए शिक्षकों को भी इस सूची में शामिल किया जाए। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने यह भी मांग उठाई कि सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों को वित्तविहीन स्कूलों में पांच वर्ष व उससे अधिक समय से पढ़ाने वाले शिक्षकों को समायोजित किया जाए। फिलहाल वित्तविहीन शिक्षकों ने मांगे पूरी न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है।

टहलते रहे कर्मचारी, डीआइओएस जुबिली इंटर कॉलेज में बैठे 1माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षकों द्वारा की गई तालाबंदी के कारण गुरुवार को कामकाज काफी प्रभावित रहा। सुबह 9:30 बजे ही कार्यालय में ताला बंद होने के कारण कर्मचारी ड्यूटी पर आए लेकिन वह बाहर इधर-उधर टहलते रहे। टीसी पर काउंटर सिग्नेचर से लेकर अन्य महत्वपूर्ण नहीं हो सके। खुद डीआइओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में बैठे और यहां पर उन्होंने अपनी महत्वपूर्ण फाइलें निपटाई।

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