समायोजन पर होगा शिक्षकों का सामूहिक इस्तीफा

शिक्षकों की नेतागिरी से Madhyamik vidyalaya में पढ़ाई का स्तर खराब होने, छात्रों की घटती संख्या, संसाधनों का अभाव पर सरकार ने अध्यापकों के समायोजन की नीति अपनाई है। छात्र संख्या कम होने पर Shikshak Samayojan दूसरे विद्यालयों में किया जाएगा, जिसका विरोध मुखर होने लगा है। सरकार के निर्णय के खिलाफ शिक्षक सामूहिक इस्तीफा देने की योजना बना रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि सरकार यह नियम 2018 में लागू हो, तब तक छात्रों की संख्या बढ़ा ली जाएगी।

वरिष्ठ शिक्षक नेता अजय सिंह का कहना है कि सरकार माध्यमिक विद्यालयों का स्वरूप खत्म करके निजीकरण करने की साजिश रच रही है, जिसे किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। सरकार मनमानी तरीके से नियम लागू नही कर सकती, उसे शिक्षकों को एक साल का समय देना होगा। माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के प्रांतीय सदस्य डॉ. शैलेश पांडेय ने कहा कि शिक्षकों समायोजन के खिलाफ बीते दिनों माध्यमिक शिक्षा मंत्रलय देख रहे उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से उनकी वार्ता हुई है।

उन्हें समायोजन से होने वाली शिक्षकों की दिक्कत से अवगत कराया है, उन्होंने शिक्षक हित के खिलाफ कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है। ऐसा न हुआ तो शिक्षक सामूहिक इस्तीफा देकर आंदोलन की राह पकड़ेंगे। ठकुराई गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष मुहर्रम अली ने कहा कि पढ़ाई का स्तर गिरने व बच्चों की संख्या कम होने के पीछे सरकार की गलत नीतियां जिम्मेदार है। शिक्षकों को बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता।

दूसरे विद्यालयों में समायोजन से शिक्षकों को दिक्कत होगी। इससे पढ़ाई का स्तर सुधरने के बजाए और बिगड़ेगा। ऐसे में हम सरकार को शिक्षक हित के खिलाफ कोई मनमाना कदम नही उठाने देंगे। सुरेश त्रिपाठी, शिक्षक विधायक

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