700 से अधिक नए माध्यमिक कालेजों को अभी मान्यता नहीं मिली

प्रदेश भर में हाईस्कूल व इंटर स्तर के करीब 700 से अधिक नए कालेजों को अभी मान्यता नहीं मिल सकी है। चुनाव की आचार संहिता के कारण यह प्रक्रिया शासन में लंबित है, इसीलिए नया सत्र शुरू होने के एक माह बाद भी यह कालेज संचालित नहीं हो पा रहे हैं। उम्मीद है कि जून में इन कालेजों को मान्यता निर्गत होगी। वहीं, अगले सत्र की मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं, इन कालेजों को जुलाई में ही स्वीकृति पत्र मिलने के आसार हैं।

Madhyamik Shiksha Parishad (यूपी बोर्ड) मुख्यालय नए कालेजों को हर वर्ष मान्यता निर्गत करता है। पिछले वर्ष लिए गए ऑनलाइन आवेदन में 1500 प्रकरण मिले। इसके लिए सात से नौ जनवरी तक मुख्यालय पर पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों मेरठ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर व बरेली के अपर सचिव व मान्यता समिति की बैठक हुई। इसमें सभी मामलों की पत्रवलियां खंगाली गईं, डीआइओएस और प्रशासन की रिपोर्ट भी देखी गई। जिनके मानक दुरुस्त थे और रिपोर्ट भी पक्ष में रही है ऐसे करीब सात सौ अधिक प्रकरणों को चिह्न्ति किया गया। इनमें हाईस्कूल व इंटर कालेजों की नई मान्यता, कला, विज्ञान व वाणिज्य संकाय और कुछ चुनिंदा विषयों की मान्यता के मामले भी शामिल थे।

कहा जा रहा था कि शासन इस पर जल्द अनुमोदन देगा और नए सत्र से नए कालेज खुल सकेंगे और पुराने कालेजों में नए विषयों की पढ़ाई होगी। इसमें विलंब हुआ और चुनाव की आचार संहिता लग गई। शासन ने फजीहत से बचने के लिए कालेजों की पत्रवलियों पर आपत्तियां लगाकर जवाब मांगा है, इसके जवाब-तलब होते आचार संहिता खत्म हो जाए। अब संकेत है कि जून में मान्यता निर्गत की जाएगी। बोर्ड का कहना है कि कालेजों में प्रवेश व पंजीकरण अगस्त तक होता है, यदि जून में भी नई मान्यता निर्गत होती है तब भी छात्र-छात्रएं प्रवेश ले सकेंगे। उप मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष निर्देश दिए थे कि मान्यता प्रकरण का हर हाल में जुलाई तक निपटारा हो जाए। इसे देखते हुए अगले सत्र की मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। इन्हें जुलाई में मान्यता निर्गत करने की तैयारी है।madhyamik college

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