चयन बोर्ड को पद निरस्त करने का अधिकार नहीं

  

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड उप्र ने छह माह पहले भले ही 2016 भर्ती के आठ विषयों के विज्ञापित पद निरस्त कर दिए हैं लेकिन, ऐसा करने का अधिकार उसे नहीं है। चयन बोर्ड भर्ती संस्थान है, जिसे पदों को बढ़ाने-घटाने या फिर रद करने का अधिकार नहीं है। इसके बाद भी पद रद किए गए और प्रकरण शासन तक पहुंचा तो अफसरों ने चुप्पी साध ली है।

अशासकीय माध्यमिक कालेजों में 2016 की भर्ती के तहत 9294 प्रवक्ता व स्नातक शिक्षकों का चयन होना है। इन पदों का अधियाचन विभिन्न जिलों से जिला विद्यालय निरीक्षकों ने भेजा है। सवाल यह है कि यदि स्कूलों में आठ विषयों के पद नहीं है तो डीआइओएस ने उसे कैसे भेजा। खास बात यह है कि चयन बोर्ड ने पद निरस्त करके करीब 70 हजार अभ्यर्थियों को अधर में अटका में दिया है और इसका ठीकरा यूपी बोर्ड पर फोड़ा जा रहा है, जबकि यूपी बोर्ड का कहना है कि 1998 के आदेश में भले ही संबंधित विषय खत्म किए गए हैं लेकिन, उन विषयों के अंश अब भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं। ऐसे में पद निरस्त होने से उस अंश को आखिरकार कौन पढ़ाएगा। चयन बोर्ड को शिक्षक चयन की अर्हता तय करने का अधिकार नहीं है, ये यूपी बोर्ड करता है। स्नातक शिक्षक की परीक्षा दो माह बाद होनी है, अब तक इस संबंध में कोई निर्णय नहीं हो सका है।

You may Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *