12 को लोक सेवा आयोग अध्यक्ष से मिलेंगे एलटी ग्रेड अभ्यर्थी

एलटी ग्रेड 2018 पेपर लीक प्रकरण में जेल गईं उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंजू कटियार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। आठ माह तक जेल में रहने वाली डॉ. अंजू को कोर्ट की कई शर्तो के साथ जमानत मिली है। कार्रवाई की तलवार उनके ऊपर आगे भी लटकती रहेगी। हालांकि एलटी ग्रेड के अभ्यर्थियों का कहना है कि कटियार को जमानत मिलना इस बात का संकेत है कि एसटीएफ के पास पेपर लीक का कोई तथ्य नहीं है। रविवार को अभ्यर्थियों की आमसभा में हंिदूी व सामाजिक विज्ञान विषय का रिजल्ट जारी कराने की मांग को लेकर 12 फरवरी को आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार से मिलने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा के दौरान इन्हीं दोनों विषयों के पेपर लीक हुए थे। यही कारण है कि अभी तक उसका रिजल्ट जारी नहीं हुआ।

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए 29 जुलाई 2018 को 15 विषयों की लिखित परीक्षा कराई गई। प्रदेश के 37 जिलों में 10,768 पदों के लिए हुई परीक्षा में चार लाख के लगभग अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा के दौरान वाराणसी में हंिदूी व सामाजिक विज्ञान विषय का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। वाराणसी एसटीएफ ने कुछ अभ्यर्थियों को गिरफ्तार करके जांच शुरू की।

इसी मामले में आयोग की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंजू कटियार को गिरफ्तार किया गया था। अभ्यर्थी विक्की खान व अनिल उपाध्याय का कहना है कि पेपर लीक प्रकरण के दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अभ्यर्थी कभी उसका विरोध नहीं करेंगे, लेकिन डॉ. अंजू कटियार को जमानत मिलना साबित करता है कि एसटीएफ के पास पेपर लीक का कोई सुबूत नहीं है। ऐसे में हंिदूी व सामाजिक विज्ञान का रिजल्ट रोकना अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। आयोग अध्यक्ष से दोनों विषयों का रिजल्ट जारी करने व चयनितों को जल्द नियुक्ति देने की मांग करेंगे।

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