अभ्यर्थियों ने अर्धनग्न हो कर किया यूपीपीएससी का घेराव

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के बड़े विषयों का परिणाम न आने से अभ्यर्थी फिर आंदोलित हो गए हैं। मंगलवार को उप्र लोकसेवा आयोग (यूपीपीएससी) परिसर में जुटे अभ्यर्थियों ने घंटों विरोध प्रदर्शन किया। अर्धनग्न होकर भी अपना आक्रोश जताया। यूपीपीएससी ने उन्हें पिछले दो सप्ताह में परिणाम न आने के पीछे पीसीएस जे परीक्षा परिणाम में अधिकांश संसाधन लग जाने की समस्या बताते हुए कहा कि जल्द ही बड़े विषयों के परिणाम भी दिए जाएंगे। मांगें पूरी न हुईं तो 22 जून से अनशन की चेतावनी देकर अभ्यर्थी लौट गए।

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2018 की परीक्षा के तहत यूपीपीएससी से सात विषयों के परिणाम ही आ सके हैं। आठ अभी शेष हैं। इनमें सभी बड़े विषय हैं। सबसे अहम सामाजिक विज्ञान विषय को बताया जा रहा है। इसका परिणाम दिए जाने की मांग काफी दिनों से की जा रही है, जबकि जो भी परिणाम आए वह छोटे विषयों के और कम रिक्तियों वाले ही रहे। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड प्रतियोगी मोर्चा के बैनर तले यूपीपीएससी का घेराव किया। इसमें कई जिलों से आए अभ्यर्थी शामिल हुए। संयोजक विक्की खान और पंकज अंगारा सहित अन्य ने कहा कि यूपीपीएससी की मनमानी से अभ्यर्थियों का भविष्य खराब हो रहा है। परिणाम न आने से दूसरी परीक्षाओं में शामिल होने की दुविधा है। दोपहर के समय यूपीपीएससी के अनुसचिव ने प्रतिनिमंडल से बात की। उन्हें समस्या बताई और कहा कि जल्द ही बड़े विषयों के परिणाम भी आएंगे। उन्होंने जून माह तक कई परिणाम आने का आश्वासन दिया।

डिप्टी सीएम से मुख्य परीक्षा स्थगित कराने की मांग : पीसीएस (मुख्य) परीक्षा 2018 को स्थगित कराने की मुहिम चला रहे अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने अपनी मांग शासन तक पहुंचाई है। उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा से मिलकर कहा कि अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए अतिरिक्त चाहिए। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष कौशल सिंह के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री से मिले अभ्यर्थियों ने ज्ञापन दिया।

कहा कि यदि अतिरिक्त समय न दिया गया तो कुछ अभ्यर्थियों को मिले अतिरिक्त अवसर का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा, क्योंकि मुख्य परीक्षा यूपीएससी की तर्ज पर बदले हुए पैटर्न से हो रही है। पाठ्यक्रम भी बदल गया है। कौशल सिंह के अनुसार उप मुख्यमंत्री ने यह समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया है।

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