पॉलीटेक्निक की सेमेस्टर परीक्षाओं में अब नया सिस्टम नकल रोकेगा

पॉलीटेक्निक की सेमेस्टर परीक्षाओं में अब नया सिस्टम नकल रोकेगा। प्रदेश के किसी भी परीक्षा केंद्र में यदि कोई नकल कर रहा होगा तो ‘लाइव स्ट्रीमिंग सिस्टम’ उसे पकड़ लेगा। राजधानी के बांसमंडी चौराहा स्थित प्राविधिक शिक्षा परिषद कार्यालय में स्थापित इस केंद्रीयकृत सिस्टम का बुधवार को प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी ने निरीक्षण किया।

सात दिसंबर से शुरू हुई सेमेस्टर परीक्षा के दौरान चार जिलों के सेंटरों पर इस बार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसका परीक्षण किया गया। मऊ, आजमगढ़, बलिया व गाजीपुर जिलों के 25 सेंटरों पर मिली सफलता के बाद अब अगले वर्ष से पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी की जा रही है।

सुबह करीब सवा दस बजे पहुंची मंत्री ने कार्यालय परिसर में स्थापित सिस्टम के साथ की कार्यालय की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी ली। सचिव प्राविधिक शिक्षा परिषद एसके सिंह ने मंत्री को कार्यालय की कार्यप्रणाली के साथ ही सिस्टम से होने वाले फायदों के बारे में बताया। मऊ के एक सेंटर पर सात दिसंबर को राजधानी के केंद्रीयकृत सिस्टम के माध्यम से नकल पकड़ी गई थी। कैमरों से लैस सेंटर का लाइव प्रसारण सचिव देखते रहते हैं। दौरे के दौरान प्राविधिक शिक्षा विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे।

आज समाप्त होंगी सेमेस्टर परीक्षाएं : प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से सात दिसंबर से चल रही सेमेस्टर परीक्षाएं गुरुवार को समाप्त हो रही हैं। राजधानी के राजकीय पॉलीटेक्निक, राजकीय महिला पॉलीटेक्निक, हीवेट पॉलीटेक्निक और लखनऊ पॉलीटेक्निक के साथ ही मोहान रोड स्थित गो¨वद बल्लभ पंत राजकीय पॉलीटेक्निक में परीक्षाएं चल रही हैं। प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव एसके सिंह ने बताया कि समेस्टर परीक्षाएं 19 दिसंबर को समाप्त हो जाएंगी।

प्राविधिक शिक्षा परिषद कार्यालय में स्ट्रीमिंग सिस्टम का निरीक्षण करतीं प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी और सचिव एसके सिंह ’ जागरण

ऐसे काम करता है सिस्टम

इस सिस्टम के तहत क्लोज सर्किट कैमरे परीक्षा केंद्रों पर लगाए जाते हैं। जिले के साथ ही राजधानी की केंद्रीयकृत प्रणाली से ऑनलाइन जोड़ दिया जाता है। एक सेंटर के हर कक्षा में कैमरे लगाए जाते हैं और सभी सीधे केंद्रीय सिस्टम से जुड़े रहते हैं। किसी भी जिले के किसी भी सेंटर को जूम करके प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव देख सकते हैं। नकल या अन्य गतिविधि होने पर जिले के परीक्षा प्रभारी को अलर्ट कर दिया जाता है। सेंटर के प्रधानाचार्य को भी इसकी भनक नहीं लगती।

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