नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के शिक्षकों को वेतन न मिलने पर दिल्ली उच्च न्यायालय को लिखा पत्र

नई दिल्ली नगर पालिका परिषद द्वारा संचालित प्राइमरी के स्कूलों में पढ़ाने वाले आठ हजार शिक्षकों को मार्च की सैलरी न मिलने को दिल्ली उच्च न्यायालय को पत्र लिखा गया है. रविवार को वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखकर कहा है कि शिक्षकों को मार्च, अप्रैल और मई महीने का वेतन नहीं मिला है. तनख्वाह न मिलने से
सभी शिक्षक बड़ी मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं. अधिवक्ता की तरफ से दलील दी गई है कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अनुसार, वह आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही है. ऐसे में यह दिल्ली सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि शिक्षकों को तीन महीने का वेतन दे. बेशक इसके एवज में दोनों महकमे बाद में आपस में हिसाब करते रहें.

संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए अधिवक्ता कहा है कि इस तरह शिक्षकों का वेतन रोकना उनके जीवन व आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है. उच्च न्यायालय से अधिवक्ता ने आग्रह किया है, उनके पत्र को जनहित याचिका में तब्दील कर सुनवाई की जाए और शिक्षकों को न्याय मिले.

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