ई-लनिर्ंग मुहिम को नई ऊंचाई देने के लिए विद्यादान स्कीम का नया चरण लांच

लॉकडाउन की अवधि भले ही तीन मई को खत्म होने की उम्मीद है, लेकिन कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए स्कूल-कॉलेजों के शुरू होने में अभी भी संशय है। ऐसे में मानव संसाधन विकास मंत्रलय बच्चों को घर बैठे ही ऑनलाइन पढ़ाने के लिए शुरू की गई अपनी मुहिम को अब एक नई ऊंचाई पर ले लाने की तैयारी में है। इसके लिए मंत्रलय ने विद्यादान स्कीम के नए चरण को लांच किया है। जिसमें अब कोई भी बच्चों के लिए उपयोगी अध्ययन सामग्री तैयार कर भेज सकता है।

इस स्कीम के तहत फिलहाल जिन पहलुओं पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है, उनमें स्टडी वीडियो, एनिमेशन, लनिर्ंग प्लान, मूल्यांकन, और प्रश्न बैंक आदि शामिल हैं। वहीं इस योजना के तहत ऐसी सभी सामग्री की गुणवत्ता को पहले परखा जाएगा, फिर उसे अलग-अलग लनिर्ंग माध्यमों से छात्रों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

बता दें कि मौजूदा समय में ई-लनिर्ंग के जरिए सरकार करीब 25 करोड़ स्कूली बच्चों को अलग-अलग माध्यमों से घर बैठे ही पढ़ाने की कोशिश में जुटी हुई है। जिसमें लाइव क्लासेज के साथ ही यू-ट्यूब, टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म जैसे माध्यम शामिल हैं।

स्थानीय भाषाओं में भी मिलेंगी ऑनलाइन सामग्री

इसके साथ ही सरकार ने राज्यों की मांग को देखते हुए स्थानीय भाषाओं में भी ऑनलाइन सामग्री तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसके तहत मौजूदा उपलब्ध सामग्रियों का जहां अनुवाद कराया जा रहा है, वहीं स्थानीय भाषाओं से जुड़े विशेषज्ञों से भी अध्ययन सामाग्री तैयार कराने को कहा है। विद्यादान स्कीम के नए चरण को लांच करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि वह जल्द ही स्कूली बच्चों की तरह उच्च शिक्षा में पढ़ रहे बच्चों के लिए ई-लनिर्ंग सामग्री को तैयार करने के लिए मुहिम शुरू करेंगे। इसके साथ ही टीचर ट्रेनिंग के लिए भी ऐसी सामग्री जुटाई जाएगी। बता दें कि लॉकडाउन के चलते स्कूल के साथ विश्वविद्यालय, कॉलेज और टीचर्स ट्रेनिंग स्कूल भी बंद पड़े है। सरकार अब इन्हें भी आनलाइन पढ़ाना चाहती है।

कंेद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए राष्ट्रीय मुहिम विद्यादान 2.0 लांच किया ’ प्रेट्र

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