प्रदेश के सरकारी स्कूलों को ‘स्मार्ट’ बनाने के लिए सौ करोड़ का निवेश

लखनऊ : प्रदेश के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए निजी क्षेत्र भी आगे आ रहा है। संपर्क फाउंडेशन अकेले दस हजार स्कूलों को स्मार्ट पाठशाला में तब्दील करने को करीब सौ करोड़ खर्च करेगा। अन्य उद्यमी भी सरकारी प्राइमरी व माध्यमिक स्कूलों में तकनीक व नवाचार के माध्यम से पढ़ाई के लिए निवेश करेंगे।

यह जानकारी उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने दी। मंगलवार को लोक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि उप्र में पहली बार स्कूल समिट का आयोजन किया जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग व भारतीय उद्योग परिसंघ संयुक्त रूप से दो दिवसीय स्कूल समिट का आयोजन करेंगे। यह कार्यक्रम बुधवार को शुरू होगा। इसका उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ करेंगे। गोमतीनगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित स्कूल समिट में करीब 1100 प्रधानाचार्य व शिक्षक शामिल होंगे। शिक्षाविद्, उद्यमी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रमुख और दूसरे राज्यों के शिक्षामंत्री व अधिकारी शामिल होंगे। मकसद शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा देना है। संपर्क फाउंडेशन के संस्थापक विनीत नायर ने बताया कि यूपी के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को अंग्रेजी सिखाने के लिए उनके फाउंडेशन से इंग्लिश स्पीकिंग ऑडियो बॉक्स दिए थे। मैथ्स व साइंस में भी उनकी रुचि बढ़ाई गई। करीब 76 हजार स्कूलों के 70 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने बताया कि ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिसेज को लागू करने, तकनीक से कक्षा रूपांतरण आदि विषयों पर चर्चा होगी।

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