डीएम के आदेश के बाद भी 15 दिन में पूरी नहीं हो पाई जांच

अलीगढ़ : जिले में 12 से 18 लाख रुपये लेकर शिक्षक बनाने वाले गिरोह सक्रिय है। हिन्दू छात्र वाहिनी के संस्थापक अध्यक्ष व छात्रनेता आदित्य पंडित ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है। इस प्रकरण में शिकायत करने के 15 दिन बीतने जाने के बाद भी अभी तक जांच पत्र जारी होने व प्राप्त न होने तक ही बात अटकी है। अधिकारियों की सुस्ती से गिरोह की मस्ती जारी है। छात्र नेताओं ने कहा कि, इस ढिलाई से अधिकारियों की संलिप्तता भी झलक रही है। इस गिरोह की खबर को दैनिक जागरण ने 30 जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डीएम ने एक अगस्त को जांच बैठाई। शिक्षा विभाग व समाज कल्याण विभाग को जांच सौंपी गई। जांच व कार्रवाई सिफर।

शिक्षक बनाने वाले गिरोह का स्टिंग करने वाले छात्र नेता अमित गोस्वामी ने बताया कि, उन्होंने बीएसए से कार्रवाई के बारे में आठ अगस्त को पूछा तो बीएसए ने डीएम कार्यालय से कोई पत्र न आने की बात कही। नौ अगस्त को डीएम कार्यालय जाकर पता किया तो स्टेनो ने पांच अगस्त को ही बीएसए कार्यालय में शिकायत पत्र रिसीव होने के हस्ताक्षर दिखाए। फिर शिकायत संदर्भ संख्या के जरिए ऑनलाइन चेक किया तो वह पत्र बीएसए कार्यालय पर ही लंबित दिखा। संदर्भ संख्या दोबारा भेजकर बीएसए को अवगत कराया तो जवाब मिला कि कोई पत्र नहीं आया। अमित ने कहा कि, बीएसए ऐसा क्यों कर रहे हैं? ये समझ से परे है। छात्रनेता सौरभ चौधरी ने कहा कि, 15 दिन बीतने पर भी बीएसए द्वारा कोई कार्रवाई न कर, पत्र न मिलने की बात कहना, शिक्षा माफिया के प्रति उनकी सोच दर्शाती है। बीएसए गिरोह के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहते। छात्रनेता आदित्य ने आरोप लगाए कि, अब तक कार्रवाई न होने का मतलब बीएसए भी इसमें शामिल हैं।

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