फर्जी डिग्री मामले में 10 दिन में निर्णय लेने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी डिग्री और मार्कशीट पर सहायक अध्यापक की नौकरी कर रहे 3517 अभ्यर्थियों के मामले में आगरा स्थित आंबेडकर विश्वविद्यालय को 10 दिन में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से दिया गया 15 दिन का समय बीत गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने आंबेडकर विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों की याचिका पर दिया है। 10 फरवरी को अगली सुनवाई होगी ।

याचिका में आगरा विश्वविद्यालय द्वारा 28 दिसंबर 2019 को जारी नोटिस को चुनौती दी गई है। नोटिस में एसआइटी जांच में फर्जी पाए गए 3517 छात्रों को 15 दिन के भीतर 15 ¨बदुओं पर जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। एसआइटी की जांच में इन सभी छात्रों की मार्कशीट या तो फर्जी पाई गई या उसमें छेड़छाड़ मिली थी।

इन मार्कशीटों के आधार पर कई अभ्यर्थी सहायक अध्यापक पद पर नौकरी कर रहे हैं। विश्वविद्यालय द्वारा नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है इससे पूर्व त्रिलोक सिंह और 495 अन्य के मामले में हाईकोर्ट ने 20 जनवरी के आदेश में विश्वविद्यालय को यह बताने को कहा था उसने किस आधार पर मार्कशीट को फर्जी करार दिया है, उसका कारण नहीं बताया गया है।

कोर्ट ने विश्वविद्यालय को कारण स्पष्ट करते हुए हर छात्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा कि नोटिस पर्याप्त रूप से शामिल कराया गया है और 15 दिन का समय भी बीत चुका है लिहाजा विश्वविद्यालय अब 10 दिन के भीतर इस मामले में निर्णय लेकर अदालत को अवगत कराए।

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