बचे स्कूलों में 15 दिन में किताबें बांटने के निर्देश

मुख्य सचिव डा. अनूप चन्द्र पाण्डेय ने मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्तमान शैक्षिक सत्र के लिए अध्ययनरत प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 59 फीसदी पाठ्य-पुस्तकों का वितरण होने के बाद बची पाठ्य-पुस्तकों का वितरण 15 दिन में कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शैक्षिक सत्र 2019-20 में पाठ्य-पुस्तकों का वितरण अप्रैल में ही कराने के लिए नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया एक महीने में पूरी कर ली जाए। .

मुख्य सचिव सोमवार को वीडियो कान्फ्रेंन्सिंग कर महत्वपूर्ण, जनोपयोगी योजनाओं की समीक्षा कर प्रदेश के सभी कमिश्नर व डीएम को जरूरी निर्देश दे रहे थे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवनों की स्थिति का सर्वे कराकर जर्जर भवन होने की स्थिति पर मरम्मत का कार्य कराया जाए। डा. पाण्डेय ने 10 अगस्त को लखनऊ में आयोजित एक जनपद-एक उत्पाद के वृहद् कार्यक्रम को हर जिले में आयोजित कराने के निर्देश दिए। कहा कि लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का प्रसारण जनपदों में एलईडी स्क्रीन लगाकर किया जाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आयोजित एक जनपद-एक उत्पाद के कार्यक्रम में देश के राष्ट्रपति, राज्यपाल व मुख्यमंत्री के भाषण का सीधा प्रसारण कराने की व्यवस्था समय से कर ली जाए। .

उन्होंने निर्देश दिए कि जनपदों द्वारा शौचालयों की रिपोर्टेड संख्या के अनुरूप स्थलीय निर्माण में अन्तर होने की स्थिति पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। .

राज्य मुख्यालय। प्रदेश सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों का निपटारा ठीक से नहीं होने पर आला अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई है। मुख्य सचिव डा. अनूप चंद्र पांडेय ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों,विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि संज्ञान में आया है कि क्लास वन अधिकारी से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों का निपटारा ठीक से नहीं किया जा रहा है। इनके खिलाफ शिकायतों का निपटारा कार्मिक विभाग के शासनादेश नौ मई 1997, पहली अगस्त 1997 और 19 अप्रैल 2012 के तहत किया जाए। .अनूप चन्द्र पाण्डेय, मुख्य सचिव .News Source- livehindustan.com