प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए शासन स्तर पर पहल

वाराणसी : प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए शासन स्तर पर पहल की गई है। इसके तहत सबसे काबिल शिक्षकों को कक्षा एक और दो के बच्चों को बढ़ाने के लिए चुना जाएगा। बच्चों की लर्निंग आउटकम परीक्षा में सामने आया था कि परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक और दो के छात्र भाषा और गणित में काफी कमजोर हैं। शुरुआती कक्षाओं में कमजोर होने से आगे की कक्षाओं की पढ़ाई बाधित हो जाती है। इस स्थिति से निबटने के लिए अब प्राथमिक स्कूलों के सबसे दक्ष एवं योग्य शिक्षक कक्षा एक और दो में शिक्षण कार्य करेंगे। शिक्षकों के अनुभव एवं शिक्षण कला के जरिए बुनियाद मजबूत होगी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि कक्षा एक और दो में नामांकित होने वाले छात्रों के प्रति शिक्षक का व्यवहार, स्कूल में उनका अनुभव, उनको सिखाने के तरीके और सामग्री का दूरगामी प्रभाव होता है। इन कक्षाओं में भाषा एवं गणितीय कौशल का विकास नहीं होने पर आगामी कक्षाओं में बच्चों को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इसको देखते हुए यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

शिक्षकों को भी किया जाएगा प्रशिक्षित
नए शैक्षिक सत्र से एनसीईआरटी की पुस्तकें भी कक्षा एक के बच्चों के लिए शुरू कर दी जाएंगी। इन पाठ्यपुस्तकों के प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षकों का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। जिससे शिक्षकों को शिक्षण कार्य करने व बच्चों को समझने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
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कंप्यूटर प्रशिक्षण में दक्ष होंगे शिक्षक
बेसिक शिक्षा महानिदेशालय ने शिक्षकों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण दिए जाने की कार्ययोजना तैयार की है। जिले में 1144 परिषदीय विद्यालयों में लगभग 9000 शिक्षक हैं। इनको राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने कंप्यूटर में दक्ष बनाने का निर्णय है। इसके लिए परिषद ने ऑनलाइन मॉड्यूल विकसित किया है। पहले चरण में उन शिक्षकों को मौका दिया जाएगा जो प्रशिक्षण के लिए इच्छुक हैं।

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