यूनिफार्म बनवाने में हो रही अवैध वसूली

भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दे रहे हों लेकिन अधिकारी कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला सरकारी स्कूलों में यूनिफार्म वितरण का है जिसमें खण्ड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें आई हैं। इन शिकायतों की गंभीरता इससे जानी जा सकती है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव राजप्रताप सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिख कर इसका संज्ञान लेने को कहा है।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि जिलों में कुछ खण्ड शिक्षा अधिकारी निशुल्क यूनिफार्म के लिए विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) और अध्यापकों से अवैध रूप से पैसे की मांग कर रहे हैं। यह स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है और इस पर तत्काल अंकुश लगाते हुए कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि यूनिफार्म बनवाने की प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

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जो अधिकारी अवैध धन की मांग करने में दोषी पाए जाएं उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए और इससे शासन को भी अवगत कराया जाए। सरकार स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को निशुल्क रूप से दो जोड़ी यूनिफार्म देती है। ये यूनिफार्म स्कूल स्तर पर सिलवाई जाती है और हर बच्चे का नाप स्कूलों में ही लिया जाता है। इसके लिए बजट एसएमसी के खाते में दिया जाता है और एसएमसी और प्रधानाचार्य के संयुक्त हस्ताक्षर से ही पैसा निकाला जाता है।