राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 के अनुसार कैसे होगी शिक्षक भर्ती जाने

  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019  को देश भर में लागू कर दिया है राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कई अहम बदलाव किये गए है। नई शिक्षा नीति के अनुसार अब शिक्षक भर्ती की जाएगी। नई शिक्षा नीति लागू होने से शिक्षक भर्ती पक्रिया काफी सख्त हो जाएगी। लेकिन मानव संसधान विकास मंत्रालय का कहना है कि इस नई शिक्षा नीति शिक्षक भर्ती पक्रिया परिदर्शी बन जाएगी और इससे समाज में शिक्षकों के पेशे के प्रति भरोसा और सम्मान पैदा होगा जिससे शिक्षकों में आत्मविश्वास आएगा।

जाने कैसे होगी शिक्षक भर्ती नई शिक्षा नीति के अनुसार: शिक्षक भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को टी ई टी पास करना अनिवार्य होगा मतलब शिक्षक नियुक्ति के लिए पहली स्क्रीनिंग टी ई टी होगी। मंत्रालय का कहना है कि वर्तमान में मौजूदा टी ई टी को और बेहतर सुदृढ़ बनाया जायेगा जिससे अभिलाषी शिक्षकों की क्षमता और ज्ञान का अधिक सार्थक परिक्षण सुनिचित हो सके। स्कूल के सभी स्तर प्राथमिक, उच्च प्रथमकि और माध्यमिक को शामिल करते हुए टी ई टी को और विस्तृत किया जायेगा। इसके अतिरिक्त विषय शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में उनके सम्बंधित विषय में प्राप्त NTA परीक्षा के अंकों को भी शामिल किया जायेगा। प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी टी ई टी (राज्य या केंद्र स्तरीय परीक्षा) और NAT की परीक्षा को पास करना अनिवार्य होगा

शिक्षक भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षाओं से शिक्षक की स्थानीय भाषा पर पकड़, शिक्षण के प्रति जोश और उत्साह को नहीं आंका जा सकता जोकि एक उत्कृट शिक्षक के गुणों में शामिल है। इसलिए शिक्षक भर्ती के लिए दूसरे चरण की स्क्रीनिंग स्थापित की जाएगी। इसमें अभ्यर्थी क इंटरव्यू और 5 इसे 7 मिनट तक क्लास में पढ़ाने का प्रदर्शन शामिल होगा। दूसरे चरण की स्क्रीनिंग को स्थनीय BRC में कराया जायेगा और संभव नहीं है तो टेलीफोन के जरिये इंटरव्यू होगा और शिक्षण प्रदर्शन का विडिओ इलेक्ट्रॉनिक माध्यम भेजा जा सकेगा

नए प्रशिक्षित शिक्षकों का स्कूलों में इंडक्शन: शिक्षकों के विकास पर किये गए शोध और समझ इस बात पर ध्यान आकर्षित करती है कि शिक्षक नियुक्ति का शुरुवाती दौर बहुत महत्वपूर्ण होता है और इसमें सहायता और मार्गदर्शन की जरुरत होती है। इसलिए सारे नए शिक्षकों को पहले दो साल में किसी CPD केंद्र जैसे- BRC, CRC, BITE, DIET जोकि स्कूल काम्प्लेक्स से संबंध है में पंजीकृत कर दिया जायेगा। शिक्षकों के इंडक्शन प्रोग्राम को इस तरह बनाया जायेगा कि उसमें बैठके, स्कूल आधारित मेंटरिंग और अन्य शिक्षकों के साथ चर्चा का एक मिश्रण होगा। इंडक्शन के दौरान नये शिक्षकों को पुराने शिक्षकों के मुकाबले कम काम जा सकता है। विषय की इकाई की योजना, मॉडयूल्स पर चर्चा, समीक्षा करना, योजनाओं और अनुभव पर समझ, स्कूल कम्प्लेक्सेस के संसाधनों का ज्ञान और उनका इस्तेमाल, मूल्यांकन की तकनीकें,व्यक्तिगत शिक्षण, समूह कार्य आयोजित करना और सहयोगपूर्ण तरीके से सीखना, कक्षा कक्ष का प्रवंधन काम्प्लेक्स और समुदाय के साथ संबंध और संपर्क बनाना, कुछ ऐसे क्षेत्र है जिनमें खास किस्म की मेंटरिंग की जरुरत होगी। शिक्षक के शुरुवाती समय में इन चीजों पर मुख्य ध्यान रहेगा।

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