हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों को मान्यता पाने के लिए 15 मई तक करें आवेदन

हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों को यूपी बोर्ड से मान्यता पाने के लिए अब शैक्षिक सत्र के पहले दिन एक अप्रैल से ही आवेदन करना होगा। बोर्ड 15 से 31 मई तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन स्वीकार करेगा, ऑनलाइन आवेदन मई के बाद नहीं हो सकेंगे। शासन ने बोर्ड की मान्यता समय सारिणी में दूसरी बार बदलाव किया है। यह निर्देश अगले सत्र से अमल में लाया जाएगा।

माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने शिक्षा निदेशक व परिषद के सभापति को 15 मई को प्रस्ताव भेजा था कि मान्यता देने की समय सारिणी में बदलाव किया जाए। संयुक्त सचिव जय शंकर दुबे ने संशोधित समय सारिणी जारी कर दी है। इसमें कहा गया है कि मान्यता के लिए आवेदन ऑनलाइन ही लिए जाएंगे। जिस वर्ष कक्षाएं संचालित करनी हो उसके एक वर्ष पहले एक अप्रैल से 15 मई तक आवेदन लिए जाएंगे। वहीं, 16 से 31 मई तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन स्वीकार होंगे। इसके बाद आवेदन नहीं लिया जाएगा। ज्ञात हो कि इस वर्ष एक अप्रैल से 15 जुलाई तक बिना शुल्क व 16 से 31 जुलाई तक विलंब शुल्क के साथ आवेदन लिए गए हैं, जबकि इसके पहले सितंबर माह तक आवेदन लिए जाते थे, विलंब शुल्क के साथ अक्टूबर माह में भी आवेदन होते थे। 16 से 31 मई तक विलंब शुल्क के साथ, इसके बाद आवेदन नहीं किया जाएगा स्वीकार

तहसीलदार भी हो सकेंगे सदस्य

मान्यता के आवेदनपत्रों के निरीक्षण के लिए डीआइओएस की अध्यक्षता में जांच समिति बनेगी। इसमें तहसील के एसडीएम या फिर तहसीलदार सदस्य होंगे। ज्ञात हो कि पहले केवल एसडीएम को ही सदस्य बनना था। जीआइसी बालक या बालिका के प्रधानाचार्य भी सदस्य होंगे। 30 नवंबर तक मान्यता का निस्तारण होगा। ज्ञात हो कि पहले 31 मार्च तक निस्तारण के निर्देश रहे हैं।

आवेदन पत्रों की सूची तैयार करेंगे डीआइओएस

जिला विद्यालय निरीक्षक मान्यता के आवेदनपत्रों की सूची तैयार करेंगे, जिसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर मान्यता में रुकावट आ सकती है। जिसमें विद्यालय का नाम, आवेदित परीक्षा वर्ष, हाईस्कूल नवीन या सीधे, इंटर नवीन, वर्ग व विषय का उल्लेख होगा।

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डीआइओएस की जांच समिति निरीक्षण आख्या व संस्तुति 20 अगस्त तक करेगी। इसमें स्थलीय निरीक्षण व कमियों की पूर्ति व ऑनलाइन सूचना शामिल है।

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