बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात हाथरस के तीन और फर्जी शिक्षक बर्खास्त

हाथरस : बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात तीन और शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इनकी बीएड की अंकतालिका फर्जी पाई गई है। इससे पहले 67 शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई थी, मगर वे हाईकोर्ट से स्टे लाकर नौकरी कर रहे हैं।

2004 के बाद डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड व स्नातक वर्ग की पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों की अंकतालिका फर्जी होने की आशंका पर एसआइटी से जांच कराई गई। जांच के बाद विभिन्न जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को संदिग्ध प्रमाणपत्रों वाले शिक्षकों की सूची दी गई थी।

ऐसे ही संदिग्ध शिक्षकों में शामिल सादाबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नगला हीरा में तैनात अध्यापक रामेंद्र सिंह ने 2009 में सहारनपुर के विकासखंड सढ़ौली कदीम के प्राथमिक विद्यालय शेखपुरा में नौकरी पाई। बाद में हाथरस में तबादला लेकर आ गए। 2004-06 सत्र में आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड किया था। वह भी फर्जी निकली।

हसायन ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर में संजीव कुंतल की तैनाती हुई थी। वर्तमान में हाथरस ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नगला अलगर्जी में सहायक अध्यापक पद पर तैनात हैं। उन्होंने आंबेडकर विश्वविद्यालय से 05079065 अनुक्रमांक पर बीएड पास की, जबकि विश्वविद्यालय के रिकार्ड में इस अनुक्रमांक पर अनीता शर्मा का नाम है।

तीसरे मामले में सिकंदराराऊ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टीकारी खुर्द में राजेश कुमार की तैनाती वर्ष 2010 में हुई थी। वर्तमान में वे सहपऊ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बहरदोई में तैनात हैं। इन्होंने वर्ष 2004-06 सत्र में आंबेडकर विश्वविद्यालय से 5246087 अनुक्रमांक पर परीक्षा पास करने की मार्कशीट नौकरी के समय में लगाई थी, जबकि यह अनुक्रमांक विश्वविद्यालय से जारी ही नहीं किया गया था। अब बीएसए हरीशचंद्र ने नोटिस का जवाब आने के बाद एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर तीनों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी है। संबंधित बीईओ को तीनों शिक्षक के खिलाफ फर्जीवाड़ा करने की रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। हाथरस : बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात तीन और शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इनकी बीएड की अंकतालिका फर्जी पाई गई है। इससे पहले 67 शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई थी, मगर वे हाईकोर्ट से स्टे लाकर नौकरी कर रहे हैं।

2004 के बाद डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड व स्नातक वर्ग की पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों की अंकतालिका फर्जी होने की आशंका पर एसआइटी से जांच कराई गई। जांच के बाद विभिन्न जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को संदिग्ध प्रमाणपत्रों वाले शिक्षकों की सूची दी गई थी।

ऐसे ही संदिग्ध शिक्षकों में शामिल सादाबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नगला हीरा में तैनात अध्यापक रामेंद्र सिंह ने 2009 में सहारनपुर के विकासखंड सढ़ौली कदीम के प्राथमिक विद्यालय शेखपुरा में नौकरी पाई। बाद में हाथरस में तबादला लेकर आ गए। 2004-06 सत्र में आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड किया था। वह भी फर्जी निकली।

हसायन ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर में संजीव कुंतल की तैनाती हुई थी। वर्तमान में हाथरस ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय नगला अलगर्जी में सहायक अध्यापक पद पर तैनात हैं। उन्होंने आंबेडकर विश्वविद्यालय से 05079065 अनुक्रमांक पर बीएड पास की, जबकि विश्वविद्यालय के रिकार्ड में इस अनुक्रमांक पर अनीता शर्मा का नाम है।

तीसरे मामले में सिकंदराराऊ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टीकारी खुर्द में राजेश कुमार की तैनाती वर्ष 2010 में हुई थी। वर्तमान में वे सहपऊ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बहरदोई में तैनात हैं। इन्होंने वर्ष 2004-06 सत्र में आंबेडकर विश्वविद्यालय से 5246087 अनुक्रमांक पर परीक्षा पास करने की मार्कशीट नौकरी के समय में लगाई थी, जबकि यह अनुक्रमांक विश्वविद्यालय से जारी ही नहीं किया गया था। अब बीएसए हरीशचंद्र ने नोटिस का जवाब आने के बाद एसआइटी की रिपोर्ट के आधार पर तीनों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी है। संबंधित बीईओ को तीनों शिक्षक के खिलाफ फर्जीवाड़ा करने की रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

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