पाठ्य पुस्तकों की कमी से जूझ रहे हरियाणा के शिक्षा विभाग ने तलाशा उपाय

पाठ्य पुस्तकों की कमी से जूझ रहे हरियाणा के शिक्षा विभाग ने तलाशा है। इसके लिए छात्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग ने बच्चों से कहा है कि वे किताबें सुरक्षित रखंे और सत्र समाप्त होने के बाद स्कूल में जमा कर दें। शिक्षा विभाग ने कहा है कि शैक्षिक सत्र के अंत में विद्यार्थी सभी पाठ्य पुस्तकें अपनी-अपनी कक्षा के प्रभारी अध्यापकों को वापस लौटाएंगे।

ऐसे विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के दो फीसद अंक ज्यादा दिए जाएंगे। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि बच्चों से लौटाई गई किताबें उपलब्ध होते ही उसी दिन विद्यार्थियों को वितरित कर दी जाए। विद्यार्थियों को किताबें मिलने पर उस पर कवर चढ़ाने के लिए कहा गया है। दरअसल, पाठ्यपुस्तकों की कमी से जूझ रहे शिक्षा विभाग ने जून की छुट्टियां शुरू होने के साथ ही सरकारी स्कूलों में किताबें पहुंचानी शुरू कर दी थीं।

यह भी पढ़ेंः  उच्च प्राइमरी स्कूलों में 21 हज़ार भाषा शिक्षक की भर्ती की जाएगी

बावजूद इसके अभी तक प्राइमरी स्कूलों में तीन कक्षाओं की किताबें नहीं पहुंची हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए हरियाणा के शिक्षा विभाग ने बच्चों से किताबें लौटाने को कहा है।जिन स्कूलों में किताबों की कमी है वहां पर आसपास के स्कूलों से उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसे लेकर विभाग के उच्च अधिकारी सोमवार व मंगलवार को जिलों में जाकर समीक्षा भी करेंगे।

दयानंद सिहाग जिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबादप्राइमरी स्कूलों में अभी तक कक्षा दूसरी और तीसरी कक्षा की ही किताबें पहुंची हैं। कक्षा पहली, चौथी और पांचवीं की किताबें ही नहीं आई हैं। कक्षा दूसरी व तीसरी की जो किताबें आई हैं वह भी अभी अधूरी ही हैं। विकास टुटेजा, जिला प्रधान राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ

यह भी पढ़ेंः  अंतरजनपदीय स्थानांतरण में अबतक स्कूल आवंटन न होने से पदावनत शिक्षक परेशान