45 दिन तक परिषदीय स्कूलों में अनुपस्थित बच्चों के घर जाएंगे गुरुजी

परिषदीय स्कूलों में ऐसे विद्यार्थी जो लगातार 45 दिन बिना सूचना के स्कूल में अनुपस्थित होंगे, उन्हें ड्राप आउट की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों का दाखिला आउट ऑफ स्कूल बच्चों के साथ करवाया जाएगा। इनका चिन्हित कर प्रधानाध्यापक व शिक्षक ऐसे विद्यार्थी के घर जाएंगे और उनके माता-पिता को समझाकर उनका दोबारा दाखिला कराएंगे। ‘स्कूल हर दिन आएं’ (शारदा) अभियान के तहत इन्हें दाखिला दिया जाएगा।

अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) रेणुका कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह छह वर्ष से लेकर 14 वर्ष की आयु तक के ऐसे बच्चे जो स्कूल नहीं जा रहे, उन्हें चिन्हित कर उनका सरकारी प्राइमरी स्कूलों में दाखिला कराएं। ऑनलाइन पोर्टल पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की निगरानी में ब्लॉक संसाधन केंद्र में डाटा अपलोड किया जाएगा। आसपास के मुहल्ले व बस्तियों में शिक्षक ऐसे बच्चों का स्कूल में दाखिला कराएंगे। वहीं आसपास के कारखाने व फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों के बच्चों का स्कूलों में दाखिला करवाया जाएगा। वहीं आंगनबाड़ी में अध्ययनरत ऐसे विद्यार्थी जिनकी अप्रैल में आयु छह वर्ष की हो रही हो, उनका भी दाखिला कराया जाएगा। स्कूलों में अभिभावक शिक्षक संघ, मां समूह और आसपास के प्रतिष्ठित लोगों की मदद ली जाएगी। वहीं ऐसे विद्यार्थी जो स्कूल में प्रतिदिन उपस्थित होते हैं, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। मकसद यह है कि दूसरे विद्यार्थी भी इससे प्रेरित हों।

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