30 या कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों पर सरकार का फोकस

नगर क्षेत्र के उन परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों पर सरकार का फोकस है जहां छात्रसंख्या 30 या उससे कम है। सरकार इस संबंध में जिलों से सूचनाएं जुटा रही है ताकि इन स्कूलों में पठनपाठन के माहौल को बेहतर किया जा सके। check all detail of primary ka master

महानिदेशक स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद ने बताया कि जिन स्कूलों में छात्रसंख्या कम है उनकी सूचनाएं जुटा रहे हैं ताकि वहां पढ़ाई-लिखाई को और सुदृढ़ किया जा सके। इसके लिए अफसरों, शिक्षकों के साथ ही समाज का भी सहयोग लिया जाएगा। यहां ढांचागत सुविधाओं का आकलन करके उसे बेहतर बनाने का भी काम करेंगे। 23 दिसंबर को समग्र शिक्षा की समीक्षा बैठक में वीडियो कान्फ्रेसिंग से भी शिक्षा में सुधार के लिए कई निर्देश दिए हैं।

4400 के सापेक्ष 663 एआरपी का चयन:परिषदीय स्कूलों में सपोर्टिव सुपरविजन (सहयोग के रूप में निरीक्षण) के लिए 4400 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) का चयन होना था। लेकिन 23 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में 663 एआरपी का ही चयन हो सका था।

स्कूलों के निरीक्षण की स्थिति असंतोषजनक

अफसरों के लिए प्रतिमाह स्कूलों के निरीक्षण की स्थिति असंतोषजनक है। प्रेरणा के तहत जिला समन्वयक को 20, खंड शिक्षा अधिकारी को 40, जिला टास्कफोर्स के सदस्य को प्रतिमाह 5 और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को 20 निरीक्षण करना है। लेकिन पोर्टल पर निरीक्षण की स्थिति असंतोषजनक है।

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