अब राजकीय बालक माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ सकेंगी लड़कियां

लड़कियों के लिए madhyamik shiksha के अवसर बढ़ाने के मकसद से बैठक में तय हुआ कि राजकीय बालक माध्यमिक विद्यालयों में बालिकाओं को भी पढ़ने का मौका दिया जाए। राजकीय बालक माध्यमिक विद्यालयों में सह-शिक्षा लागू होगी। यदि कोई बालिका इन विद्यालयों में प्रवेश लेना चाहे तो वह प्रवेश ले सकती है। राजकीय बालिका विद्यालयों की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।

प्रबंध समितियों के विवादों का निपटारा अब रजिस्ट्रार चिटफंड करेंगे : बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्यालयों की प्रबंध समितियों के विवादों के निपटारे का अधिकार अब जिला विद्यालय निरीक्षक के पास नहीं रहेगा। यह अधिकार अब रजिस्ट्रार चिटफंड सोसायटी को देने पर बैठक में व्यापक विचार-विमर्श हुआ। उप मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा को निर्देश दिया कि वह इस बारे में एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार कर उनके सामने प्रस्तुत करें।

अन्य कार्यों में नहीं लगेगी शिक्षकों की ड्यूटी : उप मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि जनगणना, निर्वाचन तथा प्राकृतिक आपदा के अलावा किसी अन्य कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी न लगाई जाए। उन्होंने इसके लिए भी प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा।

शिक्षकों के सेवा संबंधी विवरणों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करेगी कमेटी : हरियाणा सरकार की शिक्षक स्थानान्तरण नीति को उत्तर प्रदेश में भी लागू करने, निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को नियंत्रित करने के लिए नियमावली बनाने और शिक्षकों की सेवा संबंधी कठिनाइयों के ऑनलाइन निस्तारण पर भी विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षकों के सेवा संबंधी विवरणों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करने के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में सचिव, बेसिक शिक्षा अजय कुमार सिंह, विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा संध्या तिवारी, विशेष सचिव उच्च शिक्षा शम्भु कुमार सदस्य होंगे। निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह तथा सलाहकार दिनेश बाबू शर्मा तीन सदस्यीय समिति को डाटाबेस तैयार करने में सहयोग देंगे।

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Girls read in secondary schools

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