यूपी बोर्ड स्थापना के 100वें वर्ष 2021 को शताब्दी समारोह के रूप में मनाने की तैयारी में जुटा

UP Boardप्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) अपनी स्थापना के 100वें वर्ष 2021 को शताब्दी समारोह के रूप में मनाने की तैयारी में जुटा है। आयोजन को लेकर की जा रही तैयारियों के साथ बोर्ड अपने यहां से पढ़े ऐसे पुरा छात्रों की सूची तैयार करा रहा है, जो प्रदेश व देश के स्तर पर ख्यातिनाम हैं। उन्हें सम्मानित करने की भी योजना है। जिलों ने ऐसे 1843 पुरा छात्रों के नाम भेजे हैं, जो ज्यादा हैं। ऐसे में परिषद सचिव ने नामों की सूची लौटा दी है और देश-प्रदेश में किए गए योगदान के क्रम में 200 से 250 नाम भेजने को कहा है।

यूपी बोर्ड अपनी उपलब्धियों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी देख रहा है। वह उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं। दरअसल, जब योगी आदित्यनाथ पढ़ाई कर रहे थे, तब उत्तराखंड अलग राज्य न बनकर उत्तर प्रदेश में था। ऐसे में बोर्ड को पता चला कि उन्होंने यूपी बोर्ड से पढ़ाई की है। इसका सत्यापन कराकर बोर्ड योगी को अपनी उपलब्धियों में दर्ज करेगा।

यह भी पढ़ेंः  यूपी बोर्ड का हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परिणाम अब जुलाई में नहीं, बल्कि अगस्त के पहले सप्ताह में आने के आसार

यूपी बोर्ड सचिव दिब्यकांत शुक्ल के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार में दोनों उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा और केशव प्रसाद मौर्य भी यूपी बोर्ड से पढ़े हैं।

इनके अलावा भी कई विभूतियां हैं, जिन्होंने यूपी बोर्ड के विद्यालयों से शिक्षा अर्जित कर देश और प्रदेश में विविध क्षेत्र में गौरव बढ़ाया है। इनमें राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द का नाम तो शीर्ष पर है ही।

शताब्दी समारोह आयोजित करने को लेकर तिथि अभी स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। योजना तैयार की जा रही है कि शताब्दी समारोह को लेकर यूपी बोर्ड मुख्यालय के साथ-साथ प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी आयोजन हो। समारोह में देश-प्रदेश में योगदान देने वाले पुरा छात्रों को बुलाकर सम्मानित करने की भी तैयारी चल रही है।

यह भी पढ़ेंः  69000 भर्ती में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों को अब वेतन भुगतान की उम्मीद जगी

शताब्दी समारोह में पुरा छात्रों को सम्मानित करेगा यूपी बोर्ड , मुख्यमंत्री के भी यहीं से पढ़े होने का किया जा रहा सत्यापन