बीएड फर्जीवाड़ा में साक्ष्य लेने में भी खेल

आगरा: आंबेडकर विवि, आगरा के बीएड सत्र 2005 (2004-05) में फर्जी छात्रों से साक्ष्य लेने में भी खेल किया गया। विवि ने 12 जनवरी तक ऑनलाइन साक्ष्य मांगे थे, इसकी हार्ड कॉपी विवि में जमा करनी थी। मगर, 585 ने ही ऑनलाइन साक्ष्य दिए। जिन्होंने विवि में सीधे और अधूरे साक्ष्य जमा कर दिए, उनके प्रत्यावेदन भी स्वीकार कर लिए गए हैं।

विवि के बीएड सत्र 2005 में रोल नंबर जनरेट, नंबर बढ़ाने के साथ एक रोल नंबर पर दो अंकतालिका जारी की गई। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर एसआइटी ने जांच की, विवि के अंक चार्ट में 4766 फर्जी छात्र पकड़े गए। इनकी सूची विवि को 28 दिसंबर 2019 को सौंपी गई। विवि ने इस सूची को वेबसाइट पर अपलोड कर फर्जी छात्रों की सूची में शामिल छात्रों से 15 दिन में 21 ¨बदुओं पर साक्ष्यों के साथ प्रत्यावेदन मांगे गए थे। ऑनलाइन साक्ष्य अपलोड करने के साथ 12 जनवरी तक हार्ड कॉपी विवि में जमा करनी थी। 585 छात्रों ने ही ऑनलाइन साक्ष्य अपलोड किए। 721 छात्रों ने अपना प्रत्यावेदन साक्ष्यों के साथ विवि में उपलब्ध कराया। इन्होंने ऑनलाइन साक्ष्य अपलोड नहीं किए। विवि ने इनके प्रत्यावेदन भी स्वीकार कर लिए गए हैं।

  • जनवरी तक ऑनलाइन देने थे साक्ष्य, जमा करनी थी हार्ड कॉपी
  • 585 ने ही जमा किए साक्ष्य विवि में साक्ष्य जमा करने वाले भी किए शामिल

परीक्षा समिति में इस पर चर्चा हुई थी, क्योंकि विवि ने हॉर्ड कॉपी से प्राप्त हुए साक्ष्य भी स्वीकार कर लिए हैं, इसलिए इन्हें शामिल किया गया है। मगर, इसमें कोई बच नहीं पाएगा, सभी फर्जी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. गिरजा शंकर शर्मा, पीआरओ डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि

अधूरे प्रत्यावेदन भी किए स्वीकार: विवि प्रशासन ने 21 ¨बदुओं पर जवाब व साक्ष्य देने के लिए कहा था, अधिकांश ने अधूरी जानकारी दी है। इनके साक्ष्य भी स्वीकार कर लिए गए हैं।

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