जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में 4 हजार 914 बच्चे गैरहाजिर

Pilibhit : जवाहर नवोदय विद्यालय पीलीभीत की प्रवेश परीक्षा में चार हजार 914 छात्र गैरहाजिर रहे। इतनी बड़ी संख्या में पंजीकृत छात्रों के परीक्षा में ना आने की वजह उनके अभिभावकों में जागरूकता का अभाव माना जा रहा है।

जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना के पीछे केंद्र सरकार मुख्य उद्देश्य यही रहा है कि मेधावी छत्रों को बेहतर ढंग से शिक्षा मिल सके। जिससे छत्रों भीतर की प्रतिभा उजागर हो और वे अपना बेहतर करियर बना सकें। इसीलिए हर वर्ष पांचवी पास मेधावी छत्रों के पंजीकरण कराकर उन्हें नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में शामिल किया जाता है। जिससे उनको नवोदय विद्यालय की कक्षा छह में प्रवेश मिल सके। नवोदय विद्यालय आवासीय विद्यालय होता है। इस आवासीय विद्यालय में प्रवेश पाने वाले छत्रों को सीबीएसई पैटर्न पर 12वीं कक्षा तक की मुफ्त पढ़ाई की सुविधा प्रदान की जाती है। हर साल की तरह इस वर्ष भी पांचवी पास छत्रों के प्रवेश परीक्षा के लिए पंजीकरण कराए गए थे। इस साल पुरे जिले से 8002 बच्चों का पंजीकरण हुआ। जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा के लिए में शहर में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज, वीरांगना अवंतीबाई जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज, चिरौंजीलाल वीरेंद्र पाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सनातन धर्म बांकेबिहारी राम इंटर कॉलेज के साथ ही पूरनपुर व बीसलपुर में भी दो-दो परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे सभी परीक्षा केंद्रों पर एक साथ परीक्षा शुरू हुई।

जिला विद्यालय निरीक्षक संत प्रकाश के अनुसार कुल पंजीकृत 8002 छात्रों में से 3088 छात्र परीक्षा देने केंद्र पर पहुंचे। कुल 4914 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य जीएस अवस्थी का कहना है कि परीक्षा छोड़ने में बच्चों का कोई दोष नहीं है बल्कि यह उनके अभिभावकों में जागरूकता की कमी को दर्शाता है। इस परीक्षा में बच्चों के लिए बच्चों का पंजीकरण कराने के लिए खूब प्रचार प्रसार भी किया गया था।

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