जिले में पिछले पांच साल से शिक्षकों को पदोन्नति का इंतजार

Basicबागपत। जिले में पिछले पांच साल से शिक्षकों को पदोन्नति का इंतजार है। पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची अभी तक तैयार नहीं की गई है। पदोन्नति न होने के कारण विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे है। साथ ही करीब 70 फीसदी विद्यालय प्रभारी हेडमास्टर के सहारे चल रहे है। अब इसके खिलाफ शिक्षक अधिकारियों के खिलाफ लामबंद होने लगे है।

जिले के 332 प्राथमिक, 62 उच्च प्राथमिक व 136 कंपोजिट विद्यालयों में 70,370 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। 2,410 शिक्षकों के अलावा प्राथमिक विद्यालयों में 392 शिक्षामित्र और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 40 अनुदेशकों की नियुक्त हैं। जिले में पिछले पांच साल से शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हुई है। पदोन्नति न होने के कारण लगभग 70 प्रतिशत प्राथमिक और 90 प्रतिशत उच्च व कंपोजिट विद्यालय प्रभारी हेडमास्टरों के सहारे चल रहे है। कंपोजिट विद्यालय सूरजपुर महनवा के हेडमास्टर राजकुमार शर्मा का कहना है कि पदोन्नति के इंतजार में पांच साल में लगभग सौ से अधिक शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके है। प्राथमिक विद्यालय बालैनी नंबर दो के हेडमास्टर राकेश यादव का कहना है कि शिक्षकों की पदोन्नति न होने के कारण विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहे है।

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सरकार ने वरिष्ठता सूची तैयार करने के दिए थे निर्देश
कई जनपदों में शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार की जा रही है, जबकि बागपत में अभी वरिष्ठता सूची भी तैयार कराई जा रही है। उच्च प्राथमिक विद्यालय इदरीशपुर के कार्यवाहक हेडमास्टर विकास मलिक का कहना है कि 2014 से उनकी पदोन्नति नहीं हुई है। पदोन्नति न होने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्या है प्रमोशन का प्रावधान
शिक्षकों का उनकी वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन का प्रावधान है। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक का प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर और उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक के पद पर और उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक का उच्च प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर के पद पर पदोन्नति का प्रावधान है।
शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार कराने के लिए अभी दिशा-निर्देश नहीं मिले है। शासन के निर्देशानुसार शिक्षकों की वरिष्ठता सूची तैयार कराई जाएगी। – कार्यवाहक बीएसए अजय कुमार।

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