सीबीआइ ने की पूछताछ, उप्र लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में पकड़ी खामी

सीबीआइ ने उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (uppsc) की भर्ती प्रक्रिया की जाँच में कार्रवाई तेज कर दी है। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का पता लगाने के लिए रविवार को सीबीआइ ने कई लोगों से पूछताछ की। सीबीआइ ने अपने कक्ष में कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों को तलब किया।

भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी होने की शिकायत वहीं गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में शिकायत करने वाले लोगों को बुलाकर सवाल-जवाब किये। आयोग के कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों से मिलने सीबीआइ की टीम उनके घर भी गई। सीबीआइ टीम ने सवाल-जवाब के दौरान कुछ खामियां भी पकड़ी है, जिससे आगे की कार्रवाई उसी दिशा में बढ़ाई जा सकती है। यूपीपीएससी द्वारा वर्ष 2012 से 2016 तक कराई गई सभी परीक्षाओं व जारी किए गए परिणामों की जांच सीबीआइ कर रही है। इसमें करीब 550 से अधिक भर्ती परीक्षाओं व उनके परिणामों की जांच होनी है। सीबीआइ की टीम भर्ती प्रक्रिया में जाँच के लिए बीच-बीच में प्रयागराज आती रहती है। सीबीआइ ने इसके पहले 20 से 24 सितंबर तक आयोग में आकर अपनी पड़ताल की थी। सीबीआइ ने तब पीसीएस 2011 व 15 के साथ एपीएस 2010 की भर्ती से जुड़ी फाइलों को जाँच के साथ कंप्यूटर में दर्ज परीक्षा से जुड़े ब्योरा को भी जांचा था। इस बार सीबीआइ ने पीसीएस 2015 के अलावा अवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2006, 2008 व 2009 की परीक्षाओं को लेकर जाँच की है। सीबीआइ को पीसीएस 2015 की परीक्षा में स्केलिंग व मॉडरेशन में बड़ी गड़बड़ी मिली है। कंप्यूटर में एक ही प्रश्न के उत्तर को कई बार बढ़ाया गया है। वहीं अवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2006 व 2009 की जंची कापियों में कई बार नंबर काटकर बढ़ाने की गड़बड़ी पकड़ी गई है। इन दोनों परीक्षाओं से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों से कापी में नंबर काटकर बढ़ाने के बारे में पूछा गया तो वह कोई उत्तर नहीं दे सके। सीबीआइ आगे भी अपनी पड़ताल जारी रखेगी।

आयोग में तैनात पुलिसकर्मी हटेंगे
आयोग में तैनात सारे पुलिसकर्मियों को हटाया जाएगा। सीबीआइ के नए जांच अधिकारी विजेंद्र कुमार के निर्देश पर सब पुलिसकर्मियों को टाने की कार्रवाई की गई है। आयोग की सुरक्षा में नए सिरे से पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा।

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