एक दिन में 80 परीक्षार्थियों की हो प्रयोगात्मक परीक्षा

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में पर्याप्त सख्ती करने के निर्देश उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य परीक्षाओं की भांति इसमें भी नकलचियों को पकड़ें।

एक दिन में एक स्कूल अधिकतम 80 विद्यार्थियों की ही प्रयोगात्मक परीक्षाएं करवाई जाएं। 13 जनवरी तक चलने वाली इन परीक्षाओं को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में करवाएं और जिला स्तरीय व मंडल स्तरीय उड़ाका दस्ता औचक निरीक्षण करे। शुक्रवार को योजना भवन में हर जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की उप मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने हर हाल में 20 अप्रैल से 25 अप्रैल के बीच परीक्षा परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए। वहीं इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को पहली बार कम्पार्टमेंट परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। यह परीक्षा हाईस्कूल की कम्पार्टमेंट परीक्षा के साथ ही करवाई जाएगी। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर हाल में सभी परीक्षा केंद्र ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से लैस हों। ताकि बोर्ड परीक्षा के दौरान केंद्रों तक पहुंचने में उड़ाका दस्तों को दिक्कत न हो। अधिकारियों को निर्देश दिए कि 18 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं के लिए सभी 7786 परीक्षा केंद्रों पर राउटर, वायर रिकार्डर, सीसीटीवी कैमरे और इंटरनेट के हाई स्पीड ब्राड बैंड कनेक्शन की व्यवस्था हो। चार जनवरी तक हर हाल में सभी केंद्र इसकी व्यवस्था करें।

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15 जिलों में नकलचियों पर हो विशेष नजर

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि जिन 15 जिलों को संवेदनशील माना गया है, उनमें नकलचियों पर विशेष निगाह रखी जाए। इसमें मैनपुरी, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, कौशांबी, अलीगढ़, रामपुर, बलिया, गाजीपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, हाथरस, मथुरा, मुजफ्फरनगर एवं एटा शामिल हैं।

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