अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं ही आयोजित की जाएंगी

लखनऊ : प्रदेश में कोरोना महामारी के कारण समस्त विश्वविद्यालय व डिग्री कालेजों में स्नातक (यूजी) व स्नातकोत्तर (पीजी) के अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं ही आयोजित की जाएंगी। बाकी सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को प्रोन्नति देने के निर्देश दिए गए हैं। अंतिम वर्ष व सेमेस्टर की परीक्षाएं अगस्त के मध्य तक संपन्न करा ली जाएंगी और रिजल्ट भी 31 अगस्त तक घोषित कर दिया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग के इस फैसले से करीब 41 लाख छात्रों को बड़ी राहत मिल गई है। यूजी व पीजी में अंतिम वर्ष व अंतिम सेमेस्टर के सभी विषयों की परीक्षा में सिर्फ एक प्रश्नपत्र होगा और बहुविकल्पीय सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा का समय भी तीन घंटे की बजाए एक या डेढ़ घंटे होगा। ऐसे में पिछले वर्षो के मुकाबले प्रश्नपत्र में सवाल भी करीब 50 प्रतिशत ही होंगे।

उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिए हैं कि वह परीक्षा और प्रोन्नति दिए जाने की तैयारियां शीघ्र शुरू करें। इसके तहत जिन विश्वविद्यालयों में वार्षिक परीक्षा प्रणाली लागू है, वहां यूजी प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी अगली कक्षा में प्रोन्नत किए जाएंगे। जिन विवि में इस वर्ष यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं हो पाई है, उनके छात्रों को द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत किया जाएगा तथा वर्ष 2022 में होने वाली द्वितीय वर्ष की परीक्षा के अंकों के आधार पर प्रथम वर्ष की परीक्षा के अंक निर्धारित किए जाएंगे।

जिन विश्वविद्यालयों में वर्ष 2020 में यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षा हुई थी, वहां द्वितीय वर्ष के छात्रों के अंक प्रथम वर्ष की परीक्षा के अंकों के आधार पर तय कर उन्हें तृतीय वर्ष में प्रोन्नति दे दी जाएगी। जिन विश्वविद्यालय में कोरोना के कारण यूजी प्रथम वर्ष की परीक्षाएं वर्ष 2020 में नहीं हो पाईं थी और विद्यार्थियों को दूसरे वर्ष में प्रोन्नत कर दिया गया था, वहां छात्र द्वितीय वर्ष की परीक्षा देने के बाद ही तृतीय वर्ष में प्रोन्नत किए जाएंगे। इसी तरह पीजी के विद्यार्थी भी प्रोन्नत होंगे। दूसरी तरफ जिन संस्थानों में सेमेस्टर प्रणाली लागू है और वहां यूजी प्रथम व तृतीय (विषम) तथा पीजी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं हो चुकी हैं, वहां स्नातक द्वितीय सेमेस्टर व चतुर्थ (सम) सेमेस्टर तथा पीजी द्वितीय सेमेस्टर के अंक प्रथम व तृतीय सेमेस्टर तथा मिड टर्म परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन के अंकों के आधार आधार पर तय किए जाएंगे।

जहां विषम एवं सम सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं हुई हैं, वहां मिड टर्म व आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर विषम सेमेस्टर व सम सेमेस्टर के अंकों के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। जो विद्यार्थी इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं, वह अगले वर्ष 2022 की बैक पेपर परीक्षा या वार्षिक परीक्षा में शामिल होकर अपने अंक सुधार सकेंगे। सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वह कोरोना प्रोटोकाल के अनुसार ही परीक्षाएं कराएंगे।

परीक्षा से पहले अनिवार्य रूप से सैनिटाइजेशन कराया जाएगा। 13 सितंबर से नया शैक्षिक सत्र शुरू होगा, ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू करने के भी निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों के बीच दो गज की दूरी होगी और छात्रों को दो मास्क लगाकर आना होगा। दैनिक जागरण ने ‘यूजी-पीजी के अंतिम वर्ष के छात्र देंगे परीक्षा, अन्य प्रोन्नत’ शीर्षक से दो जून के अंक में प्रथम पृष्ठ पर खबर प्रकाशित कर पहले ही विद्यार्थियों को इसकी जानकारी दे दी थी।

खास निर्णय

’अगस्त के मध्य तक करानी होगी परीक्षा, 31 अगस्त तक रिजल्ट

’अंतिम वर्ष या सेमेस्टर की परीक्षा सिर्फ एक या डेढ़ घंटे की होगी

’प्रायोगिक परीक्षा के अंक लिखित परीक्षा के आधार पर होंगे तय

’पिछले वर्षो के मुकाबले प्रश्नपत्र में सिर्फ 50 प्रतिशत होंगे सवाल

’अंक सुधार के लिए छात्र अगले वर्ष होने वाली परीक्षा में बैठ सकेंगे

’विश्वविद्यालय व कालेज मौखिक परीक्षा आनलाइन करेंगे आयोजित

’13 सितंबर विश्वविद्यालय व कालेजों का नया सत्र होगा शुरू