हर महीने एक विषय के दो पाठ ही पढ़ेंगे बच्चे

  

बच्चों को पढ़ाने के लिए गाइड लाइन जारी की है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों में बच्चे हर महीने एक विषय के दो ही पाठ पढ़ेंगे। वहीं जूनिर में प्रतिमाह तीन से पांच पाठ पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसे अमलीजामा पहनाने का काम भी शुरू हो गया है।

परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य के लिए  बेसिक शिक्षा परिषद ने कार्यक्रम बना दिया है। इसमें प्रतिमाह प्राइमरी स्तर पर दो पाठ व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पांच पाठ पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विषयों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम निर्धारित हैं। अध्यापकों को उसी आधार पर शिक्षण कार्य करने को कहा गया है। शैक्षिक स्तर का पड़ताल की जिम्मेदारी ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर तैनात खंड शिक्षा अधिकारियों को दी गई है। ये स्कूलों का भ्रमण करके वहां छात्रों की योग्यता देखेंगे। किसी प्रकार की लापरवाही होने की दशा में बीएसए व एडी को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। बीएसए अजय कुमार सिंह ने बताया कि परिषद द्वारा तय किए गए कार्यक्रम को लागू कराने के लिए बीईओ व अध्यापकों को निर्देश दिए गए है। लापरवाही करने वाले अध्यापकों पर कार्रवाई होगी।

शैक्षिक स्तर को लेकर बीईओ होंगे जिम्मेदार : शैक्षिक स्तर की पूरी जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों को दी गई है। इन्हें सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक कार्यालय में बैठने के साथ ही नियमित स्कूलों का भ्रमण करना है, जिससे शैक्षिक स्तर में गिरावट न हो। बेसिक शिक्षा परिषद ने कमी मिलने पर बीईओ को उत्तरदायी मानने का निर्देश दिया है।

क्रास चेकिंग के जरिए बनेगी रिपोर्ट: प्रतिमाह सहायक शिक्षा निदेशक व बेसिक शिक्षा अधिकारी परिषदीय स्कूलों की शैक्षिक स्थिति की रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसको परिषद को भेजा जाएगा। इस रिपोर्ट को बनाने के लिए क्रास चेकिंग कराई जाएगी। इसी आधार पर स्थिति का आकलन कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

जूनियर के बच्चों को भी हर महीने में पढ़ा सकेंगे तीन से पांच पाठ, बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यक्रम के लिए बीईओ को दी जिम्मेदारी

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