यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सोमवार से शुरू

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2020 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सोमवार को शुरू हो गया। तमाम दावों के विपरीत केंद्रों पर अव्यवस्था देखने को मिलीं, केंद्रों पर कोरोना वायरस से बचने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। परीक्षक पहले दिन कॉपी जांचने की जगह हाजिरी लगाकर वापस लौटते रहे, हालांकि बोर्ड प्रशासन का दावा है कि पहले दिन प्रदेश भर में 3.70 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ है। इसमें मंगलवार से तेजी आएगी।

यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन इस बार महज दस दिन में पूरा होने का लक्ष्य तय किया गया है, इसके लिए पिछले वर्ष की अपेक्षा मूल्यांकन केंद्रों की संख्या संख्या बढ़ाकर 275 कर दी गई जबकि परीक्षक करीब 1.47 लाख परीक्षक लगाए गए हैं। इसके अलावा केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट, कंट्रोल रूम से मूल्यांकन की निगरानी, सादी वर्दी में पुलिस व खुफिया टीम को तैनात किए जाने के निर्देश रहे हैं। शिक्षकों का एक वर्ग मूल्यांकन को आगे बढ़ाने की मांग कर रहा है, क्योंकि देश व प्रदेश में कोरोना वायरस का संकट है। शासन व बोर्ड प्रशासन ने इसे नहीं माना, बल्कि कोरोना वायरस से बचने के लिए तमाम निर्देश जारी किए गए। सोमवार को दोपहर तक सभी परीक्षकों को अपने जिलों में बने मूल्यांकन केंद्रों पर उपस्थित होना था। वैसे परीक्षक दोपहर बाद तक आते रहे, उनमें से कुछ ने मूल्यांकन किया, जबकि अधिकांश उपस्थिति दर्ज करके वापस लौट गए। केंद्रों पर परीक्षकों को एक मीटर की दूरी पर बैठाने के निर्देश थे, जबकि परीक्षक आसपास ही बैठ कर मूल्यांकन कर रहे थे, हालांकि तमाम ने एहतियातन मुंह पर रुमाल आदि बांध रखा था, उनमें शिक्षिकाएं सबसे आगे रही। कक्षों की सफाई और परिसर में अन्य इंतजाम पर्याप्त नहीं थे। कुछ प्रधानाचार्यो ने जरूर रुचि लेकर कोरोना वायरस से बचने के लिए व्यवस्था की थी। केंद्रों पर परीक्षक धड़ल्ले से मोबाइल लेकर पहुंचे और उसका भरपूर इस्तेमाल भी किया। ज्ञात हो कि बोर्ड प्रशासन ने मूल्यांकन में मोबाइल का प्रयोग प्रतिबंधित कर रखा है। बोर्ड प्रशासन ने शाम को दावा किया कि प्रदेश भर में मूल्यांकन शुरू हो गया है और पहले दिन करीब पौने चार लाख कॉपियां जांची गई है, इसमें मंगलवार से और तेजी आएगी।

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