प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई योगी सरकार को रास आई

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई योगी सरकार को रास आई है। वजह पूर्व में संचालित इन स्कूलों में छात्र नामांकन व बच्चों के ठहराव के उम्दा नतीजे मिले हैं। इसीलिए सरकार सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों में 4000 अतिरिक्त प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई कराने जा रही है। परिषद सचिव रूबी सिंह ने हर विकासखंड में पांच अतिरिक्त स्कूल चयनित करने का निर्देश दिया है।

प्रदेश में शैक्षिक सत्र 2017-18 के लिए परिषद के 5000 प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई कराई गई। बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि इन स्कूलों में बच्चों का नामांकन तेजी से बढ़ा और ठहराव में आश्चर्यजनक वृद्धि हुई। इसी को ध्यान में रखकर 2018-19 शैक्षिक सत्र के लिए शासन ने 5000 प्राथमिक व 1000 नवीन उच्च प्राथमिक स्कूल अंग्रेजी मीडियम से और संचालित करने का निर्णय लिया। इस संबंध में 23 फरवरी को ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी हो चुके हैं। अब शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त 4000 अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक स्कूल संचालित करने का फिर निर्णय लिया है। इन स्कूलों में जुलाई से अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई होगी।

परिषद सचिव ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा है कि वे हर विकासखंड में पांच अतिरिक्त प्राथमिक स्कूलों का चयन करें। सचिव ने स्कूल चयन, वहां पढ़ाने वाले शिक्षकों के चयन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। स्कूल व शिक्षक चयन में वही मानक रखे गए हैं जो 23 फरवरी 2019 को निर्गत किए गए थे। मसलन, चयनित शिक्षकों की परीक्षा, चयन कमेटी, उनका प्रशिक्षण और स्कूलों का विधिवत प्रचार प्रसार किया जाएगा।

जुलाई से होंगे संचालित, हर ब्लाक में पांच अतिरिक्त स्कूलों का करें चयन, 5000 प्राथमिक व 1000 उच्च प्राथमिक स्कूल पहले से संचालित

पहली जुलाई को स्कूल में होगा समारोह

चयनित स्कूलों में पहली जुलाई को विद्यालय स्तर पर समारोह किया जाएगा, ताकि आम लोगों को इसकी जानकारी हो सके। निर्देश है कि स्कूल व शिक्षक चयन व शिक्षकों का प्रशिक्षण हर हाल में 15 जून तक पूरा करा लिया जाए। इन स्कूलों में प्रधानाध्यापक सहित पांच शिक्षकों की तैनाती करने की तैयारी है, ताकि हर शिक्षक एक कक्षा में आसानी में पढ़ा सके।

किताबें कब तक मिलेंगी

चयनित स्कूलों में भले ही बच्चों को अन्य संसाधन बैग, ड्रेस, जूता-मोजा आदि दिए जाने का दावा किया गया है लेकिन, उन्हें अंग्रेजी माध्यम की किताबें कब तक मिलेंगी यह तय नहीं है। साथ ही इन स्कूलों के लिए चयनित शिक्षक गर्मी की छुट्टी का मजा नहीं ले सकेंगे।

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