प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षक भर्ती में पास कराने का ठेका लेने वाले आठ लोग गिरफ्तार, कई फरार

यूपी के परिषदीय स्कूलों में 69000 शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में अभ्यर्थियों को पैसा लेकर पास कराने वाले रेकिट का पर्दाफाश हो गया है. सोरांव पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. सोरांव पुलिस ने गिरोह के सरगना स्कूल प्रबंधक केएल पटेल, प्रधान श्रवण दुबे, उसके भाई रुद्रपति व शशि प्रकाश सरोज, हरिकृष्ण सरोज, कमल पटेल, रंजीत और आलोक उर्फ धर्मेद्र सरोज को गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों के पास से साढ़े सात लाख रुपये, दो कार, कृषि विभाग का नियुक्ति पत्र, कई अभ्यर्थियों के मार्कशीट व दूसरे डॉक्यूमेंट बरामद हुए हैं. प्रधान का भाई मायापति सहित कई अन्य आरोपित अभी फरार हैं. श्रवण दुबे भदोही जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र के बारीपुर गांव का और आलोक मीरजापुर का निवासी है. अन्य अभियुक्त प्रयागराज के रहने वाले हैं.

पुलिस के अनुसार प्रतापगढ़ जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बहुचरा गांव निवासी राहुल सिंह बीएड करने के बाद शिक्षक बनने की तैयारी कर रहा था. उसका आरोप है कि फरवरी माह में रुद्रपति दुबे समेत अन्य लोग उससे मिले. उन्होंने बताया कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में बहुत अच्छी जुगाड़ है. अगर साढ़े आठ लाख रुपये दो तो नियुक्ति करवा देंगे. राहुल ने शिक्षक भर्ती के लिए 26 मई को सोरांव में आरोपितों को साढ़े सात लाख रुपये दिए. रुद्रपति के साथियों ने राहुल से शैक्षणिक प्रमाण पत्र लिए और कहा कि 20 लोग और हैं, जिनकी नियुक्ति करवानी है. एक जून को जारी परिणाम में राहुल का नाम नहीं था. धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद जब पीड़ित ने पैसा लेने वालों की तलाश शुरू की तो गिरोह के बारे में पता चला. शिकायत मिलने के बाद एएसपी सोरांव केवी अशोक ने गैंग की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा दिया. गुरुवार को पता चला कि शिक्षक भर्ती काउंसिलिंग रद्द होने के वजह से गैंग के सदस्य फाफामऊ में मौजूद हैं तो उन्हें पकड़ लिया गया. फिर भदोही में छापा मारकर ग्राम प्रधान को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

परीक्षा में पास कराने से लेकर नियुक्ति तक का ठेका : परीक्षा उत्तीर्ण कराने से लेकर नियुक्ति तक का ठेका : पुलिस ने बताया कि गैंग के सदस्य परीक्षा उत्तीर्ण कराने से लेकर काउंसिलिंग व नियुक्ति कराने तक का ठेका लेते थे. अलग-अलग विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर ऐसा खेल खेलते है.
अभियुक्तों ने बलवंत नामक छात्र से यूपीटेट परीक्षा उत्तीर्ण कराने के लिए भी आठ लाख रुपये लिए थे. पैसा देने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले ही उत्तरकुंजी उपलब्ध करा दी जाती थी. यूपी टीईटी और सुपर टेट परीक्षा में भी इस गिरोह के सदस्य ऐसा ही खेल करते थे
किसी को एक तो किसी को दो लाख

परीक्षा उत्तीर्ण कराने से लेकर नियुक्ति तक का ठेका : पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि कथित छात्र संदीप ने बलवंत नामक छात्र खोजकर यूपीटेक परीक्षा में पास कराने की बात कही थी। वह अपने सीनियर कमल और रंजीत के संपर्क में रहता था। रंजीत ही ग्राम प्रधान को अभ्यर्थी उपलब्ध करवाता था। इस काम के लिए एक कंडीडेट पर एक से दो लाख रुपये तक मिलते थे।

स्कूल से आउट होता था पर्चा

पुलिस ने बताया कि इस गेंग का सरगना केएल पटेल जिला पंचायत का पूर्व सदस्य है. उसके चार स्कूल चल रहे है. वह अधिकारियों से मिलीभगत करके अपने स्कूलों को परीक्षा केंद्र वनवाता है. फिर वहीं से पर्चा आउट कराने का खेल खेलता है. इस गेंग के सदस्य अभ्यर्थियों तक उस पेपर को पहुंचते है. भदोही के एसपी रामबदन का कहना है कि पकड़ा गया ग्राम प्रधान काफी शातिर है.

पेपर लीक करने और परीक्षा में पास कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है. सोरांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कर आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश चल रही है. – सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी

डायरी में मिले अभ्यर्थियों के नाम

पुलिस ने अभियुक्तों के पास से एक डायरी भी बरामद की है उस डायरी में शिक्षक भर्ती से सम्बंधित कई उम्मीदवारों के नाम व पता लिखा हुआ है. अनुमान है कि शातिरों ने इन उम्मीदवारों से पैसे लिए होंगे.

image source odishatv.in

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