अभ्यर्थियों ने यूपीएचईएससी अध्यक्ष से यूपीपीएससी के अनुरूप कार्यप्रणाली अपनाने की मांग

लंबित भर्ती परीक्षाएं कराने, रिजल्ट जारी करने के लिए उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग (UPPSC) की कार्यप्रणाली में व्यापक बदलाव किया गया है। यूपीपीएससी में आम दिनों काम का समय बढ़ा दिया गया है। अवकाश के दिन भी अधिकारियों व कर्मचारियों को काम करने के लिए बुलाया जाता है। पहली बार पीसीएस 2017 का इंटरव्यू रविवार को कराया गया।

कार्यप्रणाली में बदलाव का असर भी दिखने लगा है। सालों से लंबित रिजल्ट लगातार घोषित हो रहे हैं। नई भर्तियों का काम तेजी से चल रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) की व्यवस्था इससे ठीक उलट है। यहां एक भर्ती को पूरा करने में महीनों का समय लगता है। यही कारण है कि अभ्यर्थियों ने यूपीएचईएससी अध्यक्ष से यूपीपीएससी के अनुरूप कार्यप्रणाली अपनाने की मांग किया है। यूपीएचईएससी की कार्यप्रणाली अपेक्षा से काफी सुस्त है। एक भर्ती पूरी कराने में लंबा समय लगता है। मौजूदा समय यूपीएचईएससी में विज्ञापन संख्या 47 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर पद का इंटरव्यू चल रहा है। 1150 पदों के लिए इंटरव्यू की शुरुआत 29 जुलाई को हुई। यूपीएचईएससी को 35 विषयों के अभ्यर्थियों इंटरव्यू लेना है, लेकिन अभी इंटरव्यू का तीसरा चरण चल रहा है। इसके बाद चौथे चरण का कार्यक्रम घोषित होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर पद के चलते विज्ञापन संख्या 49 के तहत प्राचार्यो की नियुक्ति प्रक्रिया रुकी है। स्थिति यह है कि यूपीएचईएससी ने 290 प्राचार्य पदों के अभ्यर्थियों से आवेदन मंगा लिया, लेकिन अभी उसके फार्मो की छटनी का काम भी शुरू नहीं हो पाया।

टुकड़ों में चल रहा इंटरव्यू : यूपीएचईएससी में इंटरव्यू प्रक्रिया का टुकड़ों में चलने से ज्यादा दिक्कत आ रही है। हर चरण के इंटरव्यू को नियमित चलाने के बजाय अंतराल में चलाया जाता है। एक के बाद दूसरे चरण का इंटरव्यू शुरू करने के लिए कई दिनों का अंतराल लिया जाता है।

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