उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की अधूरी भर्तियों को उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग पूरी करेगा

लखनऊ : परीक्षा नियामक प्राधिकारी, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की अधूरी भर्तियों को उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग पूरी करने की कार्यवाही करेगा। सरकार शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जुटी है। शिक्षा सेवा चयन आयोग की नियमावली का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है और इस पर बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभागों का परामर्श शासन को प्राप्त हो चुका है। नियमावली के ड्राफ्ट को जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी दिलाने का इरादा है।

योगी सरकार बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभागों से जुड़ी भर्तियों के लिए उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग गठित करने की कार्यवाही में जुटी है। शिक्षा सेवा आयोग परिषदीय प्राथमिक स्कूलों के सहायक अध्यापकों, सहायताप्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों और सहायताप्राप्त हाईस्कूलों के एलटी ग्रेड शिक्षकों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर करेगा। वहीं सहायताप्राप्त हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों, एडेड इंटर कॉलेजों के प्रवक्ता व प्रधानाचार्य और सहायताप्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्य का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के जरिये होगा।

अभी बेसिक शिक्षकों की भर्तियां परीक्षा नियामक प्राधिकारी के माध्यम से की जा रही हैं। सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व प्रधानाचार्यों का चयन माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड कर रहा है। सहायताप्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों और प्राचार्यों की भर्ती उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग करता है।

माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने पीजीटी, टीजीटी शिक्षकों के चयन के लिए फरवरी, मार्च 2016 में हुईं लिखित परीक्षाओं के परिणाम पिछले वर्ष अक्टूबर, नवंबर में जारी करने के बाद इस साल 17 फरवरी से चार अप्रैल तक इंटरव्यू का शेड्यूल जारी किया है।

चयन बोर्ड की ओर से वर्ष 2011 में शुरू की गई प्रधानाचार्यों की भर्ती प्रक्रिया के तहत सात मंडलों का रिजल्ट आ चुका है, शेष का आना बाकी है। वहीं 2013 में प्रधानाचार्यों की भर्ती के लिए शुरू की गई प्रक्रिया के तहत अभी इंटरव्यू नहीं शुरू हो पाए हैं।

वर्ष 2019 में भी टीजीटी, पीजीटी शिक्षकों के 40 हजार पदों पर भर्ती के लिए चयन बोर्ड को प्रस्ताव भेजा जा चुका है लेकिन अभी तक इस भर्ती के लिए विज्ञापन नहीं जारी हुआ है।

उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्राचार्यों की भर्ती के लिए पहली मार्च को लिखित परीक्षा करानी है लेकिन अभी तक इसके प्रवेश पत्र ही नहीं जारी हो सके हैं। लिहाजा प्रवेश परीक्षा टलना तय माना जा रहा है। ऐसे ही बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय को सहायताप्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों की भर्ती करनी थी लेकिन अभी तक इसके लिए प्रक्रिया नहीं शुरू हो पायी है।

शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के गठन की कवायद के मद्देनजर चयन बोर्ड और उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग की लंबित भर्तियों से जुड़े अभ्यर्थियों में संशय है कि इन भर्तियों को कौन पूरी करेगा। शिक्षा सेवा चयन आयोग के गठन की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक पुरानी संस्थाओं की जो भर्तियां अधूरी रह जाएंगी, उन्हें नया आयोग अंजाम तक पहुंचाएगा।

चयन बोर्ड और उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की कई भर्तियां अभी अधर में

नए आयोग की नियमावली के ड्राफ्ट को जल्द कैबिनेट से मंजूरी दिलाने का इरादा

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