गठित होगा शिक्षा सेवा आयोग प्रयागराज में होगा मुख्यालय

प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक अब शिक्षकों व कर्मचारियों की भर्ती उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग करेगा। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस नए आयोग के गठन पर मुहर लगा दी गई। अब विधानमंडल के वर्तमान सत्र में उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग, 2019 विधेयक को पारित कराया जाएगा। आयोग में एक अध्यक्ष व सात सदस्य होंगे और मुख्यालय प्रयागराज में होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में हुई कैबिनेट की बैठक में कुल सात प्रस्ताव पास हुए।

नए शिक्षा सेवा आयोग के गठन के बारे में जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि अब प्राइमरी स्कूलों, माध्यमिक स्कूलों व डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से ही होगी। करीब 4500 अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों और 331 एडेड डिग्री कॉलेजों में समूह ग के पदों पर भर्ती भी इसी आयोग के माध्यम से की जाएगी। ऐसे में प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक अब शिक्षकों व कर्मचारियों के चयन की प्रक्रिया नियमित, त्वरित व समयबद्ध रूप से की जा सकेगी। अभी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के माध्यम से की जाती है।

वहीं माध्यमिक स्कूलों में उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और डिग्री कॉलेजों में उप्र उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती होती है। अब उप्र शिक्षा सेवा आयोग शिक्षकों के साथ-साथ कर्मचारियों की भी भर्ती करेगा।

केशव प्रयाद मौर्य व सिद्धार्थ नाथ सिंह ने की पैरवी

कैबिनेट की बैठक में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अन्य आयोगों की तरह इसका मुख्यालय भी प्रयागराज में ही स्थापित किए जाने पर जोर दिया, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वीकार कर लिया।

 

 

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