कस्तूरीरंगन के नेतृत्व में एक नई शिक्षा नीति बनाने के लिए समिति का गठन

केंद्र सरकार ने New Education Policy का मसौदा तैयार करने के लिए जाने-माने अंतरिक्ष वैज्ञानिक एवं इसरो के पूर्व चैयरमैन के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित कर दी है। समिति में शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करने वाले विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। भारतीय मूल के गणितज्ञ और अमेरिका के ¨प्रसटन विवि में प्रोफेसर मंजुल भार्गव को भी इसमें रखा गया है।

नई शिक्षा नीति तैयार करने के लिए manav sansadhan vikas mantralaya ने देश भर में चर्चा एवं संवाद आयोजित किए थे। तहसील और जिला स्तरों पर इस तरह के कार्यक्रम कर आम लोगों एवं विभिन्न पक्षों के सुझाव लिए गए। इन सुझावों के आधार पर पूर्व कैबिनेट सचिव टीएसआर सुब्रह्मण्यम की समिति ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी। इस रिपोर्ट के कुछ अंश मंत्रलय ने साझा किए और जनता से सुझाव मांगे थे। हजारों सुझाव आए हैं। अब शिक्षा नीति का अंतिम मसौदे को कस्तूरीरंगन समिति अंजाम देगी।

सदस्यों ने शिक्षा में किए बड़े काम समिति में शामिल लोग ऐसे हैं जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किया है या फिर वे इस क्षेत्र में मुकाम पर हैं। पूर्व आईएएस अधिकारी अल्फोंस ने केरल के कोट्टायम एवं एनाकरुलम जिलों को सौ फीसदी साक्षरता दर हासिल प्राप्त करने में भूमिका निभाई थी। इसी प्रकार राम शंकर कुरील को कृषि विज्ञान व प्रबंधन के क्षेत्र में अनुभव है। डा. एमके श्रीधर ने इनोवेशन के क्षेत्र में कार्य किया है। डा. टीवी कुट्टीमणि भाषा संचार के विशेषज्ञ हैं। शिक्षा नीति में उनकी भूमिका अहम हो सकती है क्योंकि भाषा संचार शिक्षा नीति का अहम हिस्सा होगा।

समिति का गठन इस बात को ध्यान में रखकर किया गया है कि ये सदस्य शिक्षा के विविध क्षेत्रों से जुड़ी विशेषज्ञता लेकर आएंगे। समिति देश की विविधता दर्शाती है क्योंकि सदस्य विभिन्न वर्गो और क्षेत्रों से आते हैं। समिति तत्काल प्रभाव से कार्य शुरू करेगी। समिति को जल्द से जल्द नई नीति का मसौदा सौंपने को कहा गया है।

ये हैं समिति के सदस्य  मानव संसाधन विकास मंत्रलय ने सोमवार को समिति के गठन का ऐलान किया। कस्तूरीरंगन के अलावा अन्य व्यक्तियों में एसएनडीटी विश्वविद्यालय मुंबई की पूर्व कुलपति डा. वसुधा कामत, पूर्व आईएएस अधिकारी केजे अल्फोंस, गणितज्ञ मंजुल भार्गव, महू स्थित बाबा साहेब अंबेडकर विवि के कुलपति डा. राम शंकर कुरील शामिल हैं। इनके अलावा अमरकंटक विवि के कुलपति डा. टीवी कट्टीमणि, उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषध के पूर्व चैयरमैन कृष्ण मोहन त्रिपाठी, गुवाहाटी विवि के फारसी के प्रोफेसर डा. मजहर आसिफ तथा कर्नाटक इनोवेशन काउंसिल के पूर्व सदस्य सचिव डा. एमके श्रीधर भी सदस्य नियुक्त हुए हैं।

पढ़ें- Registration Start for UP D.El.Ed 2016

 K Kasturirangan Committee

42 Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *