सॉल्वर गैंग ने टीईटी पास कराने को वसूली एक करोड़ से अधिक की रकम

स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दौरान पकडे दो मुन्नाभाई से इंटर में बड़ा रहस्योद्घाटन किया। शिक्षा माफिया के सल्वर गैंग का साम्राज्य देश के छह राज्यों में फैला है। यह अभ्यर्थियों के साथ धोखाधड़ी कर लाखों पैसे कमाता है। शिक्षा माफिया के इस गैंग ने टीईटी के 48 अभ्यर्थियों को अपने झांसे में फसा कर उनसे लगभग एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली थी। एसटीएफ ने अब सिविल पुलिस के साथ मिलकर इस गरोह की तलाश करने में जुट गई है।

15 अक्टूबर को हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा के दौरान बड़ौत के जनता वैदिक इंटर कालेज से एसटीएफ मेरठ ने विनय निवासी बावली व रविन्द्र निवासी मोहनपुर तहसील फरीदपुर बरेली, हाल निवासी गौड़ नगर नोएडा को गिरफ्तार किया था। ये अभियुक्त किसी दूसरे के स्थान पर देते पाए गए। पकडे गए अभियुक्तों में से विनय जिला पंचायत का चुनाव भी लड़ चुका है। एसटीएफ की पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह स्वीकार किया है। उन अभ्यर्थियों को झांसा दिया गया था कि वह शिक्षक पात्रता परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण कर लेंगे।

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सूत्रों के अनुसार इस गिरोह के तार उप्र. के अलावा हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र से भी जुड़े हैं। पहले भी इस गरोह पर प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र आउट करने के आरोप लगे हैं। अभी तक गिरोह के मास्टमाइंड का पता नहीं चल सका है। पता चला है कि गिरोह कुछ कोचिंग सेंटर संचालकों की मदद से अभ्यर्थियों को फंसाता है। सीओ बड़ौत रामानंद कुशवाहा ने बताया कि आरोपियों से कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। एसटीएफ व पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

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