कक्षा छह से आठ के बच्चों के लिए लगेगी ई-पाठशाला

नई दिल्ली, एजेंसियां : लॉकडाउन के दौरान बच्चों की शिक्षा को प्रभावित होने से बचाने और उन्हें व्यस्त रखने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने उच्च प्राथमिक शिक्षा (कक्षा छह से कक्षा आठ तक) का वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर जारी किया है।

इस शिक्षा सत्र का मकसद बच्चों को रोचक तरीके से किताबों से परे जाकर सिखाना है। बच्चों को चार भाषाओं में हंिदूी, अंग्रेजी, उर्दू और संस्कृत से संबंधित वैकल्पिक शिक्षा दी जाएगी। उन्हें ई-पाठशाला में चैप्टरवार विषय सामग्री ई-लिंक के जरिये उपलब्ध कराई जाएगी। पढ़ाई की यह विषय सामग्री भारत सरकार के एलआरओईआर और दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध होगी। एक आधिकारिक बयान में गुरुवार को बताया गया कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा के लिए एक वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर तैयार किया है। इससे पहले, 16 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री निशंक ने प्राथमिक स्तर के बच्चों के लिए यह कैलेंडर तैयार किया था। पोखरियाल ने कैलेंडर को लांच करते हुए बताया कि बहुत जल्द कक्षा नौ से बारह और उसके विषयों को भी इस कैलेंडर में शामिल किया जाएगा। इस कैलेंडर में चार हफ्ते का साप्ताहिक प्लान है। इसकी अवधि को आवश्यकता पड़ने पर आगे बढ़ाया भी जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसका मकसद बच्चों को कक्षावार और विषयवार सीखने के प्रतिफल से जोड़ना है।

जाब्यू, नई दिल्ली : फेलोशिप सहित उच्च शिक्षा से जुड़ी दूसरी दर्जनों स्कीमों के लिए समय पर आवेदन न कर पाने वाले छात्रों और शिक्षकों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने राहत देने का फैसला लिया है। इन सभी स्कीमों में आवेदन की समयसीमा 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है। अभी तक यह समयसीमा 31 मार्च 2020 तक ही थी। यूजीसी ने यह फैसला छात्रों और शिक्षकों की ओर से लगातार की जा रही मांग को देखते हुए लिया है। इनमें दर्जनभर से ज्यादा ऐसी फेलोशिप स्कीम भी हैं, जिसके लिए छात्र पूरे साल भर इंतजार करते हैं। ऐसे में यदि उनका यह मौका छूट जाता, तो उनके लिए काफी निराशाजनक स्थिति होती। इसी तरह एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए संचालित होने वाली कोचिंग स्कीम और आनलाइन कोसोर्ं में प्रवेश लेने की समयावधि भी बढ़ाई गई है।

यूजीसी की स्कीमों में अब 30 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन

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