69000 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के आरोप में डॉ. पटेल को गिरफ्तार किया, व्यापम घोटाले में भी था नाम

परिषदीय स्कूलों के लिए होने वाली शिक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करन के आरोप में गिरफ्तार किया गया डॉ कृष्ण लाल पटेल और उसके साथी मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले में भी नाम सामने आया था. इस ममले में मुकदमा दर्ज होते ही गुरुवार को एएसपी की टीम ने घेराबंदी कर डॉ पटेल को गिरफ्तार कर लिया था. सीएचसी में तैनात डॉ पटेल से हुई पूछताछ में पता चल कि उसके कई कॉलेज है. तब उसकी संदिग्ध गतिविधियों पर उसकी सैलरी रोक दी गई थी.

एएएसपी अशोक वेंकटेश, एएसपी अनिल यादव और क्राइम ब्रांच को भी शिक्षक भर्ती में फर्ज़ीवाड़े का खुलासा करने के लिए लगा दिया गया है. डॉ पटेल की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि उसका एक साथी फरार है, जो व्यापम घोटाले में भी संदिग्ध था. शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में पकड़ा गया एक आरोपी आलोक खाद्य एवं रसद विभाग में तैनात है. पुलिस ने छापेमारी की तो आलोक के पास से कई प्रमाणपत्र और चेक मिले हैं. पुलिस यह पता लगा रही है कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल है. अभ्यर्थियों ने डॉ केएल पटेल पर तो शुरू में ही आरोप लगाया था. उन्होंने अपने ही क्षेत्र के कुछ अभ्यर्थियों की जुगाड़ करके ज्यादा नंबर दिलाएं हैं आरोप लगाने वाले छात्रों की माने तो सोरांव, बहरिया और करछना केअभ्यर्थियों का नाम ही टॉपर लिस्ट में है. ऐसे में शुरू से ही शक था कि कोई न कोई फर्जीवाड़ा करके अभ्यर्थियों का अंक बढ़ाए गए हैं. अभ्यर्थियों ने बताया कि राहुल के मुकदमा दर्ज कराते ही आरोप सच लगने लगे हैं.

शिक्षक भर्ती के फर्जीवाड़े में गिरफ्तार डॉ. केएल पटेल प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य रह चुका है. जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा सिंह के मुताबिक दो साल पहले इसने इस्तीफा दे दिया था. बताया जाता है कि डॉ पटेल का फूलपुर क्षेत्र में आईटीआई, इंटर कॉलेज है और होलागढ़ में फार्मेसी कॉलेज बनकर तैयार है. शहर में राजापुर इलाके में घर है.

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