उप्र लोक सेवा आयोग: दिव्यांगों को राइटर और अतिरिक्त समय मिलेगा

  

प्रयागराज : उप्र लोकसेवा आयोग पीसीएस, एसीएफ-आरएफओ प्रारंभिक परीक्षा 2019 में दिव्यांग अभ्यर्थियों की मुराद पूरी करने जा रहा है। यूपीपीएससी ने राइटर व अतिरिक्त समय पाने के लिए दिव्यांग अभ्यर्थियों से संबंधित प्रमाणपत्र व अन्य जरूरी सूचनाएं मांगी है। दिव्यांग अभ्यर्थियों को 11 दिसंबर शाम पांच बजे तक अपनी रजिस्टर्ड मेल आइडी से यह सूचना भेजनी होगी। आयोग उससे संतुष्ट होगा तो उन्हें यह सुविधा दिलाई जाएगी।

यूपीपीएससी 15 दिसंबर को पीसीएस के साथ ही वन विभाग की एसीएफ-आरएफओ की प्रारंभिक परीक्षा करा रहा है। इस परीक्षा में शामिल होने के लिए दिव्यांग अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा नियंत्रक अर¨वद कुमार मिश्र की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार सेरिबल पैल्सी दिव्यांगता, लोकोमीटर अपर लिम्ब दिव्यांगता और आंख की दिव्यांगता होने पर जो स्क्राइब राइटर व अतिरिक्त समय का लाभ लेना चाहते हैं, वे संलग्न प्रारूप पर सारी सूचनाएं भरकर भेजना है। दिव्यांगता प्रमाणपत्र की प्रति, स्क्राइब राइटर के लिए इंटर के प्रमाणपत्र व आइडी प्रूफ को आयोग की ईमेल आइडी पर अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आइडी से 11 दिसंबर की शाम पांच बजे तक भेजना है। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि अभ्यर्थियों के अभिलेखों की जांच करने के बाद उनकी रजिस्टर्ड ईमेल आइडी पर सूचना दी जाएगी। राइटर 2017 या 2018 से पूर्व इंटर उत्तीर्ण नहीं होना चाहिए। तय तारीख तक यह प्रक्रिया पूरी न करने वालों पर कोई विचार नहीं होगा। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट देख सकते हैं।

असल में, बुधवार को यूपीपीएससी अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार से प्रतियोगी छात्र मिले और समस्याएं बताई। राष्ट्रीय दृष्टिबाधित छात्रवास में रहने वाले दिव्यांग प्रतियोगियों ने अध्यक्ष से पीसीएस प्री 2019 सहित अन्य परीक्षाओं में उनकी मदद के लिए सहायक तथा 20 मिनट अतिरिक्त समय देने के साथ ही प्रश्न पुस्तिका का फांट बड़ा करने की मांग की थी। आदित्य तिवारी ने अध्यक्ष से कहा कि संघ लोकसेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, रेलवे बोर्ड सहित अन्य भर्ती संस्थाओं की परीक्षा में दृष्टिबाधित दिव्यांग छात्रों को यह सभी सहूलियतें मिलती हैं। लेकिन, उप्र लोकसेवा आयोग में शासनादेश का हवाला देते हुए इन सभी सुविधा से वंचित किया जा रहा है। अध्यक्ष ने उनकी समस्या को सुना और पीसीएस प्री 2019 से पूर्व इस पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया था।

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