देवरिया का है शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड

गोरखपुर : शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से मिले दस्तावेजों की जांच और पूछताछ में पता चला कि देवरिया का रहने वाला राकेश सिंह ही इस खेल का मास्टरमाइंड है। जेल भेजे गए बीएसए सिद्धार्थनगर के स्टेनो समेत कई अधिकारियों से उसकी साठगांठ थी। नाम सामने आने के बाद एसटीएफ के साथ ही कैंट पुलिस ने राकेश की तलाश तेज कर दी है। टीईटी का फर्जी मार्कशीट बनवाने वाला प्रतापगढ़ जिले का हिमांशु भी फरार है।

24 सितंबर 2019 को एसटीएफ ने फर्जी शिक्षक भर्ती प्रकरण में सिद्धार्थनगर बीएसए के तत्कालीन स्टेनो हरेंद्र सिंह, शाहपुर क्षेत्र में रहने वाले शिक्षक सच्चिदानंद पांडेय, महिला शिक्षक के पति अवधेश मिश्र, बलरामपुर जिले के रतनपुर गौरा निवासी बाबूलाल चौधरी और गोंडा जिले के तरबगंज, जमुथा निवासी चंद्र देव पांडेय को गोरखपुर क्लब के पास गिरफ्तार किया था।

तलाशी में उनके पास 2.5 लाख रुपये, फर्जी दस्तावेज, स्कार्पियो गाड़ी मिली थी। फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करने के आरोप में बर्खास्त 29 शिक्षकों को बहाल कराने और नई नियुक्ति कराने के लिए यह सभी रुपये वसूल रहे थे। स्टेनो से पूछताछ में पता चला कि सिद्धार्थनगर जिले में 400 से अधिक शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों को भी है।

बर्खास्त 29 शिक्षकों को बहाल कराने के लिए एक अधिकारी ने 10 लाख रुपये लिए हैं। एसटीएफ ने स्टेनो व उसके साथियों के खिलाफ कैंट थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। सीओ कैंट मामले की जांच कर रहे हैं।

शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड की तलाश चल रही है। नाम सामने आने के बाद से ही राकेश फरार है। प्रतापगढ़ निवासी हिमांशु भी घर पर नहीं है।

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