निजी स्कूलों से बेहतर रहा दिल्ली के सरकारी स्कूलों का परिणाम

नई दिल्ली :12वीं की परीक्षा में राजधानी के सरकारी स्कूलों ने निजी स्कूलों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन अपने पिछले वर्ष के प्रदर्शन को नहीं दोहरा पाए हैं। पिछले वर्ष जहां 88.98 फीसद छात्र-छात्रएं पास हुए थे वहीं इस वर्ष 88.36 फीसद छात्र-छात्रएं पास हुए हैं। निजी स्कूलों की अपेक्षा सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम इस वर्ष नौ फीसद अधिक रहा।

विषय आधारित टॉपर सूची में विज्ञान वर्ग से राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय (आरपीवीवी), यमुना विहार के छात्र विकास उपाध्याय पहले स्थान पर रहे। इन्होंने 500 में से 485 अंक प्राप्त किए। कॉमर्स वर्ग में अव्वल रहे आरपीवीवी शालीमार बाग के छात्र गर्वित दांग ने 500 में से 481 अंक प्राप्त किए, जबकि कला वर्ग में सवरेदय कन्या विद्यालय (एसकेवी) की छात्र ज्योति ने 500 में से 474 अंक और एसकेवी ढांसा की छात्र हर्षिता ने वोकेशनल वर्ग में 500 में से 465 अंक प्राप्त कर टॉप किया।

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छात्रओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 92.80 फीसद छात्रएं पास हुई हैं, जबकि 82.49 फीसद छात्र पास हुए हैं। परीक्षा परिणाम में दिल्ली सरकार द्वारा संचालित स्कूलों के प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सीबीएसई के कुल परिणाम में से दिल्ली के सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम छह फीसद अधिक रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल के 33 छात्रों ने कम से कम एक विषय में 100 फीसद अंक प्राप्त किए हैं, जबकि 112 स्कूलों का परीक्षा परिणाम 100 फीसद रहा है। इसमें से 554 स्कूलों के छात्रों ने 90 फीसद से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा संचालितआरपीवीवी ने केंद्रीय विद्यालय से बेहतर प्रदर्शन किया है। आरपीवीवी का पास फीसद 99.72 रहा है, जो केवी से अधिक है। टॉपर्स को सरकार सम्मानित करेगी।’ निजी स्कूलों के मुकाबले नौ फीसद की बढ़ोतरी पिछले साल के मुकाबले परिणाम में आई मामूली गिरावट

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