अब परिषदीय स्कूलों को गोद लेंगे दरोगा बाबू

ग्रामीण स्कूलों में मास्साब की मुखबिरी अब पुलिस करेगी। मास्साब स्कूल जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं या नहीं, बच्चों को सही समय पर नाश्ता मिल रहा है या नहीं, इसकी रिपोर्ट भी अब थानेदार तैयार करेंगे। सीएम की सलाह पर एडीजी जोन ने ग्रामीण स्कूलों को गोद लेने की बात कही है।

जुलाई में स्कूल खुलते ही थानेदार व चौकी इंचार्ज अपने क्षेत्र के एक-एक स्कूल को गोद लेंगे। कुछ दिन पहले एक बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अधिकारियों से ग्रामीण स्कूलों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा था कि अगर सभी विभाग के अधिकारी थोड़ा सतर्क हो जाएं, तो स्कूलों की स्थिति में सुधार हो सकता है।

यह भी पढ़ेंः  परिषदीय स्कूलों में 25 व 26 मार्च को होने जा रही वार्षिक परीक्षा

शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में अध्यापकों की संख्या कम है, जबकि ग्रामीण स्कूलों में उनकी संख्या ज्यादा होनी चाहिए। बैठक में कहा गया कि ग्रामीण स्कूलों में पढ़ाई का स्तर ठीक नहीं है। अध्यापक भी स्कूल में कम ही जाते हैं। ऐसे में उन्होंने सभी विभाग के अधिकारियों को एक सलाह दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात अधिकारी एक-एक स्कूल को गोद लें।

प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा पुलिस की इसमें अहम भूमिका हो सकती है। सीएम की सलाह पर एडीजी जोन एसएन साबत ने भी ग्रामीण स्कूलों को गोद लेने का फैसला किया है। एडीजी ने बताया कि बांदा में बैठक के दौरान सीएम ने कहा था कि दूसरे विभागों के साथ पुलिस अधिकारी भी अपनी सक्रियता दिखा सकते हैं। थानेदार अपने क्षेत्र के स्कूलों के बारे में आते-जाते पता लगा सकते हैं कि किस स्कूल के अध्यापक गायब रहते हैं। बच्चों के नाश्ता का प्रबंध ठीक है या नहीं है। News Source – livehindustan

यह भी पढ़ेंः  शहर के प्री स्कूलों में सालभर बाद एक अप्रैल से नन्हें-मुन्हें बच्चों की सुनाईं देंगी आवाजें