50 राजकीय पॉलीटेक्निक व नौ एडेड पॉलीटेक्निक की सीटें पूरी तरह खत्म कर दी

ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआइसीटीई) ने आगामी सत्र के लिए करीब 50 राजकीय पॉलीटेक्निक व नौ एडेड पॉलीटेक्निक की सीटें पूरी तरह खत्म कर दी हैं। यानी इन संस्थानों में नए सत्र में दाखिले नहीं होंगे।

प्रदेशभर में करीब 147 राजकीय, 19 एडेड और करीब 1325 पॉलीटेक्निक संस्थान हैं। इनमें संचालित पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए हर साल एआइसीटीई द्वारा मान्यता प्रदान की जाती है। इस बार एआइसीटीई ने प्राविधिक शिक्षा परिषद की लापरवाही को आधार बनाते हुए 50 से अधिक राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों की सीटों पर प्रवेश लिए जाने पर रोक लगा दी है।

पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई: एआइसीटीई के इस निर्देश से पॉलीटेक्निक में दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर बुरा असर पड़ेगा। सीटें शून्य किए जाने से इन 50 राजकीय व नौ एडेड संस्थानों में प्रथम वर्ष की सभी ट्रेड की सीटें खाली रहेंगी। जानकारों के मुताबिक प्राविधिक शिक्षा परिषद के इतिहास में यह पहली बार होगा।

लखनऊ पॉलीटेक्निक करेगा अपील: शिक्षकों की कमी का असर पॉलीटेक्निक संस्थानों में दिखने लगा है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने राजधानी के लखनऊ पॉलीटेक्निक में भी प्रवेश पर रोक लगा दी है। शिक्षकों की संख्या 26 से कम होने पर लिए गए फैसले के बाद अब संस्थान की ओर से निर्णय को निरस्त करने के लिए अपील करने की तैयारी की जा रही है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की ओर से पॉलीटेक्निक में प्रवेश के लिए 16 मार्च तक आवेदन किए जा सकते हैं। 26 अप्रैल से प्रवेश परीक्षा होगी। प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को ज्यादा मशक्कत करनी पड़ेगी।

यहां एडमिशन पर रोक

राजकीय पॉलीटेक्निक अलिया सीतापुर, अंबेडकरनगर और जिले के ही बैजपुर भीटी स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक, एमएमआइटी कन्नौज, एमएमआइटी गोरखपुर, एमएमआइटी कासगंज और राजकीय पॉलीटेक्निक बीघापुर उन्नाव समेत 50 राजकीय पॉलीटेक्निक। इसके अलावा राजकीय पॉलीटेक्निक उन्नाव में 50 प्रतिशत सीटों में कटौती गई है।

एडेड पॉलीटेक्निक

जवाहर लाल नेहरू पॉलीटेक्निक महमूदाबाद, टाउनहाल पॉलीटेक्निक बलिया, हड़िया पॉलीटेक्निक, लखनऊ पॉलीटेक्निक, जनता पॉलीटेक्निक जहांगीराबाद समेत अन्य पॉलीटेक्निक संस्थान को नो एडमिशन जोन में रखा गया है।

प्रदेशभर में करीब 147 राजकीय, 19 एडेड और करीब 1325 पॉलीटेक्निक संस्थान, हर साल एआइसीटीई द्वारा प्रदान की जाती है मान्यता

हम ऐसा होने नहीं देंगे। गंगा यात्र संपन्न होते ही मैं इस दिशा में हर संभव प्रयास करूंगी।

-कमल रानी

प्राविधिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार

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